डोमेस्टिक डिमांड बनी ग्रोथ का इंजन
SSWL की अप्रैल 2026 की नेट टर्नओवर ₹500.85 करोड़ रही, जबकि अप्रैल 2025 में यह ₹424.11 करोड़ थी। वहीं, ग्रॉस टर्नओवर (Gross Turnover) 12.10% बढ़कर ₹581.82 करोड़ दर्ज किया गया।
कंपनी के लिए सबसे बड़ी राहत डोमेस्टिक मार्केट से मिली है। खासकर 2 और 3 व्हीलर्स (2 & 3 Wheelers) सेगमेंट में वैल्यू के हिसाब से बिक्री में 36% की ज़बरदस्त बढ़ोतरी हुई है। इसी तरह, ट्रैक्टर (Tractors) सेगमेंट में भी 30% की ग्रोथ देखी गई है। कंपनी ने एल्यूमीनियम (Alloy) व्हील्स सेगमेंट में तो अपने मंथली सेल्स का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया, जहां वॉल्यूम 15% बढ़ा है। कमर्शियल व्हीकल (Commercial Vehicle) सेगमेंट ने भी 4% की ग्रोथ दर्ज की है।
एक्सपोर्ट में चुनौतियों का सामना
हालांकि, कंपनी ने यह भी साफ किया है कि ग्लोबल सप्लाई चेन में आई दिक्कतों और भू-राजनीतिक (Geopolitical) तनावों के चलते उसके एक्सपोर्ट मार्केट में कुछ अल्पकालिक (short-term) चुनौतियां बनी हुई हैं।
क्यों महत्वपूर्ण है यह परफॉरमेंस?
यह मजबूत परफॉरमेंस SSWL की हाई-मार्जिन वाले एलॉय व्हील्स सेगमेंट पर फोकस करने की स्ट्रैटेजी को सही साबित करती है। भारत के ऑटोमोबाइल बाजार में प्रीमियम लुक्स और बेहतर परफॉरमेंस की बढ़ती मांग को कंपनी पूरा कर रही है। वहीं, ट्रैक्टर और कमर्शियल व्हीकल जैसे स्थिर सेक्टर्स में कंपनी की मजबूत पकड़ लगातार रेवेन्यू सुनिश्चित कर रही है।
