SEBI के नियमों का पूरा हुआ अनुपालन
Steel Exchange India Limited ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 की चौथी तिमाही (जो 31 मार्च 2026 को खत्म हुई) के लिए आवश्यक कम्प्लायंस सर्टिफिकेट जमा कर दिया है। यह प्रमाण पत्र दर्शाता है कि कंपनी डिपॉजिटरी और उनके पार्टिसिपेंट्स से जुड़े SEBI के सभी रेगुलेशन्स का अनुपालन कर रही है।
कंपनी के रजिस्ट्रार एंड ट्रांसफर एजेंट (Registrar & Transfer Agent) द्वारा जारी किया गया यह सर्टिफिकेट स्टेकहोल्डर्स को आश्वस्त करता है कि सिक्योरिटीज को इलेक्ट्रॉनिक रूप से मैनेज करने की प्रक्रियाएं, जिसमें डीमटेरियलाइजेशन (dematerialization) और रीमटेरियलाइजेशन (rematerialization) शामिल हैं, रेगुलेटरी आवश्यकताओं के अनुसार चल रही हैं। इस तरह का अनुपालन लिस्टेड कंपनियों के लिए शेयरहोल्डिंग सिस्टम को सुचारू रूप से चलाने और इन्वेस्टर कॉन्फिडेंस बढ़ाने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
Steel Exchange India Limited मुख्य रूप से 'सिंहाद्री TMT' ब्रांड के तहत TMT बार, स्पंज आयरन और बिलेट्स जैसे लोहे और स्टील उत्पादों के निर्माण और मार्केटिंग का काम करती है। कंपनी का पावर जनरेशन सेगमेंट भी है।
यह ध्यान देने योग्य है कि अतीत में कंपनी और इसके शेयरों पर रेगुलेटरी नजर रही है। फरवरी 2021 में, SEBI ने जुलाई और दिसंबर 2017 के बीच Steel Exchange India के शेयरों में धोखाधड़ी वाले ट्रेडिंग एक्टिविटीज के लिए 23 संस्थाओं पर ₹2.38 करोड़ का भारी जुर्माना लगाया था, जिसमें बाजार में हेरफेर (market manipulation) की तकनीकें शामिल थीं। हाल ही में, मार्च 2026 में, SEBI रेगुलेशन्स के तहत Vistra ITCL और Vizag Profiles Pvt Ltd जैसी संस्थाओं द्वारा शेयरहोल्डिंग में बदलाव और भार (encumbrances) से संबंधित खुलासे फाइल किए गए थे।
यह नवीनतम फाइलिंग मुख्य रूप से शेयरहोल्डर्स को कंपनी द्वारा इलेक्ट्रॉनिक सिक्योरिटीज के प्रबंधन में अपने दायित्वों के वर्तमान अनुपालन को लेकर आश्वासन प्रदान करती है। यह इन विशिष्ट परिचालन क्षेत्रों में कंपनी की उचित कॉर्पोरेट गवर्नेंस (corporate governance) के प्रति प्रतिबद्धता को मजबूत करता है, हालांकि यह सीधे तौर पर कंपनी के फाइनेंशियल परफॉरमेंस या ऑपरेशनल स्ट्रेटेजी को प्रभावित नहीं करता है।
