तेलंगाना के टैक्स अधिकारियों ने Standard Engineering Technology Limited को वित्त वर्ष 2019-20 के लिए ₹3.16 करोड़ का टैक्स डिमांड नोटिस जारी किया है। यह नोटिस 30 मार्च, 2026 की तारीख का है, जिसमें टैक्स योग्य मूल्य (taxable value) और ई-वे बिल (e-waybill) डेटा के बीच विसंगतियों का आरोप लगाया गया है।
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि इस टैक्स डिमांड का उसके मौजूदा कारोबार पर कोई वित्तीय (financial) या ऑपरेशनल (operational) असर नहीं है, और यह मामला पिछले यानी वित्त वर्ष 2019-20 से संबंधित है। Standard Engineering Technology इस ऑर्डर का मूल्यांकन कर रही है और इसके खिलाफ अपील दायर करने की योजना बना रही है।
यह घटना इसी वित्त वर्ष के लिए पहले प्राप्त हुए ₹1.65 करोड़ के एक समान टैक्स डिमांड नोटिस के बाद हुई है। उस समय भी कंपनी ने कहा था कि सभी संबंधित लेनदेन वास्तविक थे और बैंकिंग चैनलों से ठीक से दर्ज किए गए थे।
यह नया नोटिस केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (CGST) अधिनियम की धारा 74 के तहत आया है, जिसमें धोखाधड़ी या जानबूझकर गलत बयानी पाए जाने पर टैक्स राशि का 15% से 100% तक जुर्माना लग सकता है। हालांकि कंपनी डिमांड को चुनौती दे रही है, फिर भी अपील के नतीजे आने तक जुर्माने और कानूनी लागत का जोखिम बना हुआ है।
कंपनी, जो पहले Standard Glass Lining Technology के नाम से जानी जाती थी, फार्मास्यूटिकल्स और केमिकल्स जैसे उद्योगों के लिए विशेष प्रक्रिया उपकरण बनाती है।
वित्त वर्ष 25 तक के वित्तीय आंकड़ों के अनुसार, कंपनी के देनदार दिवस (debtor days) 99.4 दिनों से बढ़कर 127 दिन हो गए हैं, जबकि वर्किंग कैपिटल (working capital) के दिन 172 से बढ़कर 272 दिन हो गए हैं।
निवेशकों की निगाहें अब कंपनी द्वारा की जाने वाली अपील की दलीलों, प्रक्रिया की प्रगति और किसी भी संभावित वित्तीय प्रभाव पर होंगी।