कंपनी के EBITDA में 13% की बढ़त के साथ यह ₹1,106.90 करोड़ रहा। इसी अवधि में एडजस्टेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 11% बढ़कर ₹670.30 करोड़ पर पहुंच गया।
कंपनी के इस शानदार प्रदर्शन की एक बड़ी वजह इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सेगमेंट में लगातार बढ़ता योगदान है। Q4 FY26 में ऑटोमोटिव प्रोडक्ट रेवेन्यू का 39% हिस्सा बैटरी इलेक्ट्रिक व्हीकल (BEV) सेगमेंट से आया, जो EV मार्केट में मजबूत मांग को दर्शाता है।
कंपनी का ऑर्डर बुक भी काफी मजबूत है, जो भविष्य के रेवेन्यू के लिए अच्छी विजिबिलिटी प्रदान करता है। FY26 के अंत तक कुल नेट ऑर्डर बुक ₹23,700 करोड़ थी, जिसमें से ₹5,700 करोड़ इसी फाइनेंशियल ईयर में जोड़े गए।
Sona Comstar ऑटोमोटिव और इंडस्ट्रियल सेक्टर के लिए प्रिसिजन कंपोनेंट्स (precision components) बनाने वाली एक ग्लोबल मैन्युफैक्चरर है। कंपनी का फोकस ICE और EV दोनों प्लेटफॉर्म के लिए ड्राइवलाइन पार्ट्स (driveline parts) पर है। EV सेगमेंट में कंपनी ने कई नए प्रोग्राम हासिल किए हैं।
हालांकि, कंपनी को कुछ जोखिमों का सामना भी करना पड़ सकता है, जैसे कि घटते मुनाफे का खतरा, कड़ी प्रतिस्पर्धा, आर्थिक मंदी और ग्रोथ को मैनेज करने की चुनौतियां। इसी सेक्टर में Motherson Wiring Technologies और Talbros Automotive Components जैसी कंपनियां भी EV कंपोनेंट्स पर फोकस बढ़ा रही हैं।
निवेशक कंपनी के BEV रेवेन्यू की निरंतर ग्रोथ, बड़े ऑर्डर बुक से नए प्रोग्राम्स का एग्जीक्यूशन और इलेक्ट्रिफिकेशन व टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट को लेकर कंपनी की प्रगति पर नजर रखेंगे। मैनेजमेंट से मार्जिन की स्थिरता और कैपेसिटी यूटिलाइजेशन पर आने वाली कॉल्स में मिली जानकारी महत्वपूर्ण होगी।
