नतीजों का लेखा-जोखा
Sona BLW Precision Forgings Ltd. (Sona Comstar) के लिए Q4 FY26 वाकई एक रिकॉर्ड तिमाही साबित हुई है। कंपनी ने 47% की ज़बरदस्त ईयर-ऑन-ईयर ग्रोथ के साथ ₹1,272 करोड़ का रेवेन्यू हासिल किया है, जो अब तक का सबसे ऊंचा आंकड़ा है। वहीं, प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 17% की बढ़ोतरी देखी गई और यह ₹192 करोड़ पर पहुंच गया। EBITDA में भी 32% की जोरदार उछाल के साथ ₹311 करोड़ का आंकड़ा दर्ज किया गया।
रेलवे में विस्तार और EV कंपोनेंट्स पर जोर
कंपनी ने अपनी diversification रणनीति को लेकर खास जानकारी दी। अब भारत से कंपनी का 50% से ज़्यादा फुल-ईयर रेवेन्यू आ रहा है, जबकि पूर्वी बाज़ारों (Eastern markets) का योगदान इस तिमाही में 60% रहा। एक अहम खबर यह भी है कि कंपनी ने यूरोपीय ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स (OEMs) से तीन महत्वपूर्ण EV driveline ऑर्डर हासिल किए हैं, जो करीब चार साल में यूरोप से मिला पहला EV ऑर्डर है।
रेलवे सेक्टर में भी Sona Comstar ने अच्छी प्रगति की है। कंपनी को इलेक्ट्रिक पैनल और HVAC सिस्टम जैसे नए प्रोडक्ट्स के लिए अप्रूवल मिले हैं और लोकोमोटिव्स के लिए इलेक्ट्रिक पैनल की पहली खेप की सप्लाई भी शुरू हो गई है। कंपनी ने ऑपरेशनल एफिशिएंसी को बढ़ाते हुए गैस की खपत में लगभग 20% की कमी भी दर्ज की है।
अधिग्रहण और फंड जुटाना
कंपनी ने रणनीतिक विस्तार को मज़बूत करने के लिए 1 जून, 2025 को Escorts Kubota Limited के रेलवे इक्विपमेंट डिवीज़न (RED) का अधिग्रहण पूरा किया। FY25 में ₹913 करोड़ का रेवेन्यू देने वाले RED डिवीज़न के जुड़ने से Sona Comstar के पोर्टफोलियो में ब्रेक और सस्पेंशन सिस्टम जैसे रेलवे कंपोनेंट्स का बड़ा बिज़नेस शामिल हो गया है।
ऐसे बड़े कदमों के लिए कंपनी ने सितंबर 2024 में Qualified Institutional Placement (QIP) के ज़रिए ₹2,400 करोड़ जुटाकर अपनी बैलेंस शीट को मज़बूत किया। इससे पहले, मार्च 2023 में GIC और Abu Dhabi Investment Authority ने Blackstone Group से INR 49,170 मिलियन में Sona BLW को खरीदा था।
मार्जिन गाइडेंस में बदलाव और जोखिम
रेलवे बिज़नेस के एकीकरण और मौजूदा महंगाई के दबाव के चलते, कंपनी ने अपनी लॉन्ग-टर्म EBITDA मार्जिन गाइडेंस को घटाकर 23-25% कर दिया है। मैनेजमेंट ने भविष्य के प्रदर्शन को प्रभावित करने वाले कुछ कारकों पर भी प्रकाश डाला है, जिनमें स्टील, एल्यूमीनियम और कॉपर जैसे पेट्रोकेमिकल-आधारित वस्तुओं की महंगाई शामिल है। हरियाणा में मिनिमम वेज में बढ़ोतरी (1 अप्रैल, 2026 से प्रभावी) से लेबर कॉस्ट पर भी असर पड़ने की उम्मीद है। इसके अलावा, कमोडिटी की कीमतों में बढ़ोतरी और हाई-वॉल्यूम, लो-मार्जिन ट्रैक्शन मोटर्स की ओर बढ़ते झुकाव से मार्जिन पर दबाव बना हुआ है।
भविष्य की राह
आगे चलकर, निवेशकों की नज़र रेलवे बिज़नेस के एकीकरण और रेवेन्यू ग्रोथ पर रहेगी। सस्पेंशन मोटर्स और EV ट्रैक्शन मोटर्स के लिए ऑर्डर बुक और प्रदर्शन महत्वपूर्ण होंगे। मैनेजमेंट का महंगाई से निपटना और संशोधित EBITDA मार्जिन गाइडेंस को प्राप्त करना अहम होगा।
