Defence में बूम से Solar Industries के नतीजों ने मचाया धमाल!
Solar Industries India Ltd ने वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) के लिए अब तक की सबसे अधिक ₹9,838 करोड़ की सालाना बिक्री का रिकॉर्ड बनाया है।
Q4 FY26 में कंपनी का कुल रेवेन्यू ₹3,053 करोड़ रहा। पूरे साल का नेट प्रॉफिट (PAT) 35% बढ़कर ₹1,737 करोड़ पर पहुंच गया। कंपनी के EBITDA मार्जिन भी 27.95% पर मजबूत बने रहे। बोर्ड ने ₹11 प्रति शेयर के डिविडेंड (Dividend) का भी प्रस्ताव रखा है।
यह क्यों मायने रखता है?
कंपनी तेजी से एक बड़ी Defence प्लेयर बनने की राह पर है। FY26 में Defence रेवेन्यू दोगुना से भी ज्यादा हो गया है। ₹18,000 करोड़ का बड़ा Defence ऑर्डर बुक, जिसमें खास तौर पर 'पिनाका' (Pinaka) मिसाइलों के ऑर्डर शामिल हैं, भविष्य की ग्रोथ के लिए बड़ा सहारा है। FY27 के लिए कंपनी ने ₹14,000 करोड़ का कुल रेवेन्यू और Defence सेगमेंट से ₹4,500 करोड़ कमाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है।
पीछे की कहानी
Solar Industries ने 'मेक इन इंडिया' (Make in India) पहल के तहत गोला-बारूद (Ammunition) और रॉकेट सिस्टम के उत्पादन पर बड़ा दांव लगाया है। इसका विस्तार कंपनी के इंटरनेशनल बिजनेस को भी मजबूत कर रहा है, जो FY26 में 32% बढ़ा। भविष्य के लिए पूर्वी और दक्षिणी भारत में नए प्लांट्स लगाने की योजना है।
अब क्या बदलता है?
शेयरहोल्डर्स (Shareholders) आने वाले समय में Defence ऑर्डर के एग्जीक्यूशन (Execution) और सिविल बिजनेस से लगातार रेवेन्यू ग्रोथ की उम्मीद कर सकते हैं। साथ ही, डिविडेंड भी बढ़ने की संभावना है। FY27 में ₹2,050 करोड़ का बड़ा कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) प्रोडक्शन कैपेसिटी बढ़ाने में निवेश का संकेत देता है।
जोखिम पर नजर
एक तरफ जहां कंपनी डिफेंस ऑर्डर को पूरा करने के लिए स्टॉक बढ़ा रही है, वहीं इससे वर्किंग कैपिटल (Working Capital) में बढ़ोतरी हुई है, जो कैश फ्लो (Cash Flow) पर थोड़ा दबाव डाल सकती है। अमोनियम नाइट्रेट (Ammonium Nitrate) जैसे कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव मार्जिन पर असर डाल सकता है और डिमांड को धीमा कर सकता है। भू-राजनीतिक (Geopolitical) जोखिम भी Defence सेगमेंट के लिए एक फैक्टर बने हुए हैं।
प्रतिस्पर्धियों से तुलना
Solar Industries इंडस्ट्रियल एक्सप्लोसिव्स (Industrial Explosives) और Defence दोनों क्षेत्रों में काम करती है। Defence सेक्टर में इसके मुकाबले Bharat Dynamics Ltd (BDL) और Bharat Electronics Ltd (BEL) जैसी कंपनियां हैं। BDL मिसाइलों पर और BEL इलेक्ट्रॉनिक्स पर फोकस करती है, जबकि Solar Industries गोला-बारूद और रॉकेट सिस्टम में अपनी जगह बना रही है।
आगे क्या देखना है?
आगे निवेशकों को ₹18,000 करोड़ के Defence ऑर्डर बुक, खासकर पिनाका और 155mm गोला-बारूद के एग्जीक्यूशन पर नजर रखनी चाहिए। पूर्वी और दक्षिणी भारत में नए प्लांट के काम में प्रगति, इंटरनेशनल बिजनेस का प्रदर्शन और कच्चे माल की कीमतों के बीच मार्जिन बनाए रखने की मैनेजमेंट की क्षमता ट्रैक करने लायक होगी। FY27 के ₹14,000 करोड़ के महत्वाकांक्षी रेवेन्यू लक्ष्य को हासिल करना भी महत्वपूर्ण होगा।