₹87.75 करोड़ जुटाने की तैयारी
सोभाग्या मर्केंटाइल लिमिटेड (SML) के बोर्ड ने नॉन-प्रमोटर्स को 13,01,000 प्रेफरेंशियल इश्यूएंस के तहत कन्वर्टिबल वारंट्स जारी करने की मंज़ूरी दे दी है। इस इश्यूएंस के ज़रिए कंपनी का लक्ष्य लगभग ₹87.75 करोड़ जुटाना है।
EGM का एजेंडा और फंड का बंटवारा
कंपनी 20 अप्रैल, 2026 को होने वाली EGM में शेयरधारकों से इस प्रेफरेंशियल इश्यूएंस के लिए अप्रूवल मांगेगी। हर वारंट का इश्यू प्राइस ₹674.49 रखा गया है। जुटाई गई रकम में से ₹75.77 करोड़ प्रमोटर ग्रुप स्पेशल पर्पस व्हीकल (SPVs) में हाइब्रिड एन्युइटी मॉडल (HAM) रोड प्रोजेक्ट्स के लिए निवेश किए जाएंगे, जबकि शेष ₹11.98 करोड़ का इस्तेमाल सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए होगा।
रिलेटेड पार्टी ट्रांज़ैक्शन्स पर भी होगी चर्चा
मीटिंग में तीन प्रमुख कंपनियों के साथ मटेरियल रिलेटेड पार्टी ट्रांज़ैक्शन्स (RPTs) की समीक्षा और मंजूरी भी मांगी जाएगी। इनमें नाग हम 182 हाईवे प्राइवेट लिमिटेड (लगभग ₹79.86 करोड़ तक), नाग हम 183 हाईवे प्राइवेट लिमिटेड (लगभग ₹59.44 करोड़ तक), और किटाडी तोरगाँव हाईवे प्राइवेट लिमिटेड (लगभग ₹15.00 करोड़ तक) शामिल हैं। इन सभी RPTs का कुल संभावित मूल्य ₹154 करोड़ से ज़्यादा हो सकता है।
यह क्यों अहम है?
यह कदम सोभाग्या मर्केंटाइल के कैपिटल बेस को मजबूत करने के इरादे को दर्शाता है, जो इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर, खासकर HAM रोड प्रोजेक्ट्स में कंपनी के विस्तार और निवेश के लिए महत्वपूर्ण है। HAM मॉडल एक पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप है, जिसमें सरकार निर्माण में सह-वित्तपोषण करती है और पूरा होने के बाद 15 साल तक एन्युइटी पेमेंट्स प्रदान करती है, जिससे डेवलपर्स के लिए ट्रैफिक रिस्क कम हो जाता है।
कंपनी की पृष्ठभूमि और पिछला फंड जुटाना
सोभाग्या मर्केंटाइल लिमिटेड (SML) भारत के इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में एक स्थापित कंपनी है। कंपनी ने हाल के दिनों में फंड जुटाने की कई पहलें की हैं, जिसमें अक्सर कन्वर्टिबल वारंट्स का प्रेफरेंशियल इश्यूएंस शामिल रहा है। इससे पहले, कंपनी ने फरवरी 2026 में HAM प्रोजेक्ट्स के लिए ₹178.71 करोड़ और मार्च 2026 में ₹20.23 करोड़ जुटाने की योजना बनाई थी।
जोखिमों पर भी नज़र
शेयरधारकों की मंजूरी EGM में एक महत्वपूर्ण फैक्टर है। अगर रिजोल्यूशन पास नहीं होते तो फंड जुटाने और RPT योजनाओं में बाधा आ सकती है। कंपनी पर 249 दिनों के औसत से अधिक आउटस्टैंडिंग डेटर्स का बोझ है, जो वर्किंग कैपिटल के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। साथ ही, कंपनी डिविडेंड का भुगतान नहीं करती है, जो आय-केंद्रित निवेशकों को आकर्षित नहीं कर सकता है। HAM रोड प्रोजेक्ट्स के विकास और पूरा होने में एक्ज़िक्यूशन रिस्क भी शामिल है।
आगे क्या देखें?
20 अप्रैल, 2026 को होने वाली EGM के नतीजों पर नज़र रखें, खासकर वारंट इश्यूएंस और RPTs पर शेयरधारकों की मंजूरी का। इसके बाद कन्वर्टिबल वारंट्स के अलॉटमेंट और फंड की प्राप्ति पर नज़र रखें। जुटाई गई पूंजी से फंडेड HAM रोड प्रोजेक्ट्स की प्रगति और एक्ज़िक्यूशन पर भी ध्यान दें।
