Skipper Ltd ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर (FY26) के अपने ऑडिटेड वित्तीय नतीजे पेश किए हैं, जो निवेशकों के लिए बड़ी खुशखबरी लेकर आए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू पिछले साल के ₹462.45 करोड़ से बढ़कर ₹555.28 करोड़ तक पहुंच गया है, जो 20% की शानदार ग्रोथ दर्शाता है।
लेकिन मुनाफे (Profit) के मामले में तो कंपनी ने कमाल ही कर दिया। पिछले फाइनेंशियल ईयर (FY25) में सिर्फ ₹1.49 करोड़ का प्रॉफिट कमाने वाली Skipper Ltd ने FY26 में 13 गुना से भी ज़्यादा का उछाल दिखाते हुए ₹21.31 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। यह ज़बरदस्त वापसी कंपनी की बढ़ी हुई ऑपरेशनल एफिशिएंसी और मजबूत मार्केट डिमांड की ओर इशारा करती है।
कंपनी ने शेयरधारकों को खुश करने के लिए प्रति शेयर ₹0.10 का डिविडेंड (dividend) देने की सिफारिश की है, जिसके लिए शेयरधारकों की मंजूरी जरूरी होगी। इस पर कुल ₹1.13 करोड़ का भुगतान किया जाएगा।
गवर्नेंस के मोर्चे पर भी अहम बदलाव हुए हैं। श्री G.S. Sainath को 28 अप्रैल 2026 से Skipper Pipes के चीफ बिजनेस ऑफिसर (Chief Business Officer) के पद पर री-डेजिग्नेट किया गया है। साथ ही, कंपनी अपने आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन (Articles of Association) में भी संशोधन करने का प्रस्ताव रख रही है ताकि वे मौजूदा लीगल प्रोविजन्स के अनुरूप हो सकें।
कंपनी का कहना है कि वह नई लेबर कोट्स (New Labour Codes) के लागू होने से जुड़े घटनाक्रमों पर बारीकी से नजर रखे हुए है और इन नियमों के संभावित असर का आकलन करेगी। Skipper Ltd पाइप मैन्युफैक्चरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे बेहद कॉम्पिटिटिव मार्केट में काम करती है, जहाँ Astral Poly Technik, Prince Pipes and Fittings, Supreme Industries, और Finolex Industries जैसे बड़े खिलाड़ी मौजूद हैं।
