Simplex Mills: ₹16 लाख रेवेन्यू पर ₹17 लाख का घाटा, शेयरहोल्डर्स की बढ़ी चिंता

INDUSTRIAL-GOODSSERVICES
Whalesbook Corporate News Logo
AuthorAditi Chauhan|Published at:
Simplex Mills: ₹16 लाख रेवेन्यू पर ₹17 लाख का घाटा, शेयरहोल्डर्स की बढ़ी चिंता
Overview

Simplex Mills कंपनी लिमिटेड ने अपने FY26 के ऑडिटेड फाइनेंशियल नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने **₹15.90 लाख** का रेवेन्यू (Revenue) दर्ज किया है, वहीं **₹17.20 लाख** का नेट लॉस (Net Loss) हुआ है।

Instant Stock Alerts on WhatsApp

Used by 10,000+ active investors

1

Add Stocks

Select the stocks you want to track in real time.

2

Get Alerts on WhatsApp

Receive instant updates directly to WhatsApp.

  • Quarterly Results
  • Concall Announcements
  • New Orders & Big Deals
  • Capex Announcements
  • Bulk Deals
  • And much more

टेक्सटाइल सेक्टर की कंपनी Simplex Mills एक बार फिर अपने फाइनेंशियल नतीजों से निवेशकों को चिंता में डाल सकती है। कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) के लिए ₹15.90 लाख का रेवेन्यू (Revenue) पेश किया है, लेकिन इस पर ₹17.20 लाख का भारी नेट लॉस (Net Loss) दर्ज किया गया है।

अच्छी बात यह है कि कंपनी के स्टैच्यूटरी ऑडिटर (Statutory Auditors), Khandelwal and Mehta LLP, ने वित्तीय नतीजों पर एक 'अनमॉडिफाइड ओपिनियन' (Unmodified Opinion) यानी साफ राय दी है। इसका मतलब है कि अकाउंटिंग के मामले में कोई बड़ी गड़बड़ी नहीं पाई गई है। कंपनी का अर्निंग्स पर शेयर (EPS) ₹(57.31) निगेटिव रहा। कंपनी का कारोबार 'टेक्सटाइल' सेगमेंट में है।

यह नतीजे बताते हैं कि टेक्सटाइल मैन्युफैक्चरर के लिए लगातार वित्तीय चुनौतियां बनी हुई हैं। ₹17.20 लाख के लॉस के मुकाबले ₹15.90 लाख का रेवेन्यू यह इशारा करता है कि कंपनी की ऑपरेशनल एफिशिएंसी (Operational Efficiency) या फिक्स्ड कॉस्ट (Fixed Cost) काफी ज्यादा हो सकती है।

शेयरहोल्डर्स के पास अब FY26 के लिए कंपनी की तरफ से आधिकारिक ऑडिटेड आंकड़े हैं। ₹6.85 करोड़ की कुल संपत्ति (Total Assets) के मुकाबले कंपनी पर ₹(3.65) करोड़ का निगेटिव इक्विटी (Negative Equity) है, जो शेयरधारकों की पूंजी के बड़े नुकसान को दिखाता है।

ऑडिटर की एक अहम नोट में "एक ऐसी कंपनी से मिलने वाले लोन और एडवांसेज (Loans and Advances) की रिकवरी, जिसकी नेट वर्थ (Net Worth) खत्म हो गई है" पर चिंता जताई गई है। यह एसेट क्वालिटी (Asset Quality) और भविष्य में होने वाले राइट-ऑफ (Write-off) के बारे में सवाल खड़े करता है। मैनेजमेंट का इस पर क्या कहना है, यह देखना अहम होगा। लगातार घाटा और निगेटिव इक्विटी कंपनी की वित्तीय सेहत के लिए बड़ी चुनौती हैं।

अगर तुलना करें, तो Simplex Mills का स्केल (Scale) बड़े भारतीय टेक्सटाइल प्लेयर्स के मुकाबले बहुत छोटा है। जहां Raymond Ltd ने FY23 में ₹7,251 करोड़ का रेवेन्यू और ₹101 करोड़ का प्रॉफिट कमाया, वहीं Vardhman Textiles ने ₹10,779 करोड़ का रेवेन्यू और ₹661 करोड़ का प्रॉफिट दर्ज किया। Arvind Fashions ने भी ₹1,277 करोड़ के रेवेन्यू पर ₹77 करोड़ का लॉस रिपोर्ट किया था। यह दिखाता है कि Simplex Mills इस इंडस्ट्री में एक बहुत ही छोटे या पुराने पायदान पर है।

हाल के सालों के आंकड़ों पर नजर डालें तो FY26 में रेवेन्यू ₹15.90 लाख था, जो FY25 के ₹2.36 करोड़ और FY24 के ₹2.20 करोड़ से काफी कम है। इसी तरह, FY26 में लॉस ₹17.20 लाख रहा, जबकि FY25 में यह ₹54 लाख और FY24 में ₹59 लाख था। कंपनी का कुल इक्विटी FY26 में ₹(3.65) करोड़ है, जो FY25 के ₹(1.93) करोड़ और FY24 के ₹(1.34) करोड़ से भी बुरी स्थिति दिखाता है।

निवेशकों को अब 4 अगस्त, 2026 को होने वाली 28वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) का इंतजार रहेगा। यहां मैनेजमेंट से भविष्य की योजनाओं, खासकर ऑडिटर की चिंता पर उठाए जाने वाले कदमों और रेवेन्यू बढ़ाने की रणनीति को लेकर अहम खुलासे हो सकते हैं। निगेटिव इक्विटी को कैसे संभाला जाएगा, यह भी एक बड़ा सवाल रहेगा।

Get stock alerts instantly on WhatsApp

Quarterly results, bulk deals, concall updates and major announcements delivered in real time.

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.