Simplex Mills के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने महाराष्ट्र के Akola में स्थित अपने बंद पड़े टेक्सटाइल प्लांट की ज़मीन की बिक्री को हरी झंडी दे दी है। कंपनी का मकसद इस नॉन-कोर एसेट से वैल्यू हासिल करना है।
इस सौदे को अंतिम रूप देने के लिए कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 180 के तहत शेयरधारकों की मंजूरी अनिवार्य है। Simplex Mills एक एक्स्ट्रा-ऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EGM) आयोजित करेगी, जहाँ शेयरधारक इस प्रस्ताव पर अपना वोट देंगे। सभी मंजूरियां मिलने के बाद, बिक्री प्रक्रिया मई 2026 तक पूरी होने का लक्ष्य रखा गया है।
यह कदम Simplex Mills की अपनी संपत्ति को बेहतर ढंग से मैनेज करने और संभावित रूप से अपनी वित्तीय स्थिति को मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा है। वित्तीय वर्ष 24-25 में शून्य रेवेन्यू और नेगेटिव नेट वर्थ दर्ज करने वाली बंद यूनिट की संपत्ति बेचना, देनदारियों को कम करने और छिपी हुई वैल्यू को बाहर निकालने में मदद कर सकता है। यह विनिवेश (divestment) कंपनी को अपने अनुपयोगी सेगमेंट से बाहर निकलकर ऑपरेशन्स को स्ट्रीमलाइन करने पर ध्यान केंद्रित करने का संकेत देता है। इस बिक्री से प्राप्त फंड का उपयोग कर्ज कम करने या अन्य रणनीतिक लक्ष्यों को पूरा करने के लिए किया जा सकता है।
गौरतलब है कि Simplex Mills को ऐतिहासिक रूप से वित्तीय चुनौतियों और भारी कर्ज का सामना करना पड़ा है। हाल के वर्षों में, कंपनी ने अपनी बैलेंस शीट को मजबूत करने के लिए संपत्ति की बिक्री जैसे विकल्पों पर विचार किया है। Akola प्लांट, जो पहले कंपनी के टेक्सटाइल ऑपरेशन्स का हिस्सा था, एक नॉन-परफॉर्मिंग एसेट बन गया था, जिसके कारण इस ज़मीन की बिक्री का प्रस्ताव सामने आया है।
शेयरधारकों के लिए यह एक महत्वपूर्ण फैसला होगा, क्योंकि बिक्री की सफलता शेयरधारकों की मंजूरी पर निर्भर करती है। इसके अलावा, मई 2026 की समय-सीमा विभिन्न मंजूरियों, वार्ताओं और नियामक प्रक्रियाओं के कारण प्रभावित हो सकती है। यूनिट की खराब वित्तीय स्थिति को देखते हुए, अंतिम बिक्री मूल्य भी एक महत्वपूर्ण कारक होगा।
