कंसॉलिडेटेड प्रदर्शन में उछाल, स्टैंडअलोन में गिरावट
Sicagen India ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष की चौथी तिमाही (Q4 FY26) के लिए अपने वित्तीय नतीजे पेश किए हैं। कंपनी ने कंसॉलिडेटेड आधार पर ₹281.02 करोड़ के रेवेन्यू पर ₹4.46 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। यह पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले रेवेन्यू में 10.67% की वृद्धि दर्शाता है।
पूरे वित्तीय वर्ष 2025-26 (FY26) के लिए, Sicagen India का कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू ₹983.26 करोड़ रहा, जो पिछले वित्तीय वर्ष (FY25) की तुलना में 9.26% अधिक है।
स्टैंडअलोन नतीजों ने बढ़ाई चिंता
दूसरी ओर, कंपनी के स्टैंडअलोन प्रदर्शन की तस्वीर थोड़ी मिली-जुली है। Q4 FY26 में स्टैंडअलोन रेवेन्यू में मामूली 2.53% की वृद्धि होकर ₹141.29 करोड़ रहा। लेकिन, पूरे वित्तीय वर्ष FY26 के लिए स्टैंडअलोन रेवेन्यू ₹528.22 करोड़ पर आ गया, जो FY25 के ₹546.03 करोड़ से 3.26% कम है। स्टैंडअलोन इक्विटी में भी गिरावट देखी गई, जो FY25 में ₹43,948 लाख से घटकर FY26 में ₹42,091 लाख रह गई।
कंपनी के ऑडिटर ने वित्तीय नतीजों पर एक अनमॉडिफाइड (Unmodified) राय दी है। बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 10% यानी ₹1 प्रति शेयर के डिविडेंड की सिफारिश की है।
नई लेबर कोड्स और इंडस्ट्री का दबाव
Sicagen India पावर इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) सेक्टर में काम करती है। इस सेक्टर पर सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च और रिन्यूएबल एनर्जी पर बढ़ते फोकस का असर दिखता है। इस साल कंपनी के संचालन पर नए लेबर कोड्स का भी खास असर पड़ा है, जो FY2026 से लागू हुए हैं। इनसे अनुपालन की नई आवश्यकताएं और कर्मचारी लागत (जैसे ग्रेच्युटी) बढ़ सकती है।
आगे की राह और निवेशकों के लिए मुख्य बिंदु
सेक्टर की अन्य बड़ी कंपनियां जैसे Kalpataru Projects International Ltd और KEC International Ltd, बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के जरिए ग्रोथ हासिल करती हैं। Sicagen का कंसॉलिडेटेड ग्रोथ सेक्टर के रुझानों के साथ मेल खाता है, लेकिन स्टैंडअलोन प्रदर्शन पीछे छूट रहा है।
निवेशक नई लेबर कोड्स का ऑपरेटिंग मार्जिन पर प्रभाव, स्टैंडअलोन रेवेन्यू में लगातार गिरावट और इक्विटी में कमी जैसे कारकों पर बारीकी से नजर रखेंगे। कंपनी की स्टैंडअलोन रेवेन्यू को फिर से पटरी पर लाने की रणनीतियां भविष्य के प्रदर्शन के लिए महत्वपूर्ण होंगी।
