मैनेजमेंट में बदलाव का दौर जारी
Sicagen India Limited ने अपने सीनियर मैनेजर-ऑपरेशंस, वी. वेंकटेश के इस्तीफे को स्वीकार कर लिया है। उन्होंने 25 मार्च 2026 को इस्तीफा सौंपा था और 20 मई 2026 तक वह कंपनी की जिम्मेदारियों से मुक्त हो जाएंगे। कंपनी ने बताया कि यह इस्तीफा व्यक्तिगत कारणों से दिया गया है।
यह बदलाव AM International ग्रुप की इस इकाई में वरिष्ठ प्रबंधन में हो रहे फेरबदल की कड़ी का हिस्सा है। इससे पहले, अगस्त 2025 में दो डायरेक्टर्स ने पेशेवर प्रतिबद्धताओं के चलते इस्तीफा दिया था, और 2025 के अंत में एक CFO ने रिटायरमेंट लिया था, जिनके उत्तराधिकारी की नियुक्ति हो चुकी है।
वित्तीय दबाव और 'Sell' रेटिंग का असर
Sicagen India की वित्तीय सेहत भी चिंता का विषय बनी हुई है। मार्च 2026 में, एक ब्रोकरेज फर्म ने तकनीकी संकेतकों में गिरावट, बढ़ते कर्ज के बोझ (वित्तीय लीवरेज), और कम रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) के कारण स्टॉक की रेटिंग को 'Sell' पर डाउनग्रेड कर दिया था।
कंपनी का डेट टू ईबीआईटीडीए (Debt to EBITDA) रेश्यो 3.25 है, जो कर्ज के ऊंचे स्तर को दर्शाता है। वहीं, पिछले तीन सालों का औसत रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) केवल 2.45% रहा है, जो शेयरधारकों की पूंजी के अप्रभावी उपयोग का संकेत देता है। भले ही पिछले पांच सालों में नेट इनकम में 116.47% की मजबूत सालाना ग्रोथ दिखी हो, लेकिन रेवेन्यू ग्रोथ इंडस्ट्री एवरेज 16.46% की तुलना में 5.00% सालाना रही है, जो कंपनी के विकास की गति पर सवाल उठाती है।
आगे क्या? निवेशकों की नजरें...
ऐसे समय में,Sicagen India के लिए यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण होगा कि वे परिचालन की जिम्मेदारियों को सुचारू रूप से सौंपें और एक योग्य उत्तराधिकारी नियुक्त करें। निवेशकों की नजरें कंपनी के कामकाज की स्थिरता बनाए रखने की क्षमता, नए मैनेजमेंट की नियुक्ति, कर्ज के बोझ को कम करने की रणनीति और लाभप्रदता बढ़ाने के उपायों पर टिकी रहेंगी।
