Sicagen India के FY26 नतीजे: दमदार आय और डिविडेंड का ऐलान
Sicagen India के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 13 मई, 2026 को हुई बैठक में वित्त वर्ष 2026 के ऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स को मंजूरी दे दी है। कंपनी ने इस फाइनेंशियल ईयर में ₹973.48 करोड़ (₹97,348 लाख) की कंसोलिडेटेड टोटल इनकम दर्ज की है, जबकि नेट प्रॉफिट ₹18.07 करोड़ (₹1,807 लाख) रहा।
Standalone लेवल पर, कंपनी की रेवेन्यू ₹520.27 करोड़ (₹52,027 लाख) रही और नेट प्रॉफिट ₹12.91 करोड़ (₹1,291 लाख) दर्ज किया गया।
निवेशकों को तोहफा: कंपनी के बोर्ड ने शेयरधारकों की मंजूरी के बाद 10% का इक्विटी डिविडेंड देने की सिफारिश की है, जो कि ₹1 प्रति शेयर होगा।
डायरेक्टरशिप में बदलाव: नतीजों के साथ-साथ कंपनी ने कुछ अहम डायरेक्टोरियल बदलावों की भी घोषणा की है। श्री प्रसन्ना जोशी को 14 मई, 2026 से एडिशनल और होल-टाइम डायरेक्टर के तौर पर नियुक्त किया गया है। वहीं, श्री नंदकुमार वर्मा ने व्यक्तिगत कारणों से 13 मई, 2026 को होल-टाइम डायरेक्टर के पद से इस्तीफा दे दिया है।
क्यों है यह अहम?
ये नतीजे Sicagen India के लिए एक स्थिर प्रदर्शन को दर्शाते हैं, जिसमें कंसोलिडेटेड आय और मुनाफे दोनों में बढ़ोतरी देखी गई है। डिविडेंड की सिफारिश कंपनी के वित्तीय स्वास्थ्य पर भरोसा जताती है। डायरेक्टर्स में बदलाव कंपनी की भविष्य की रणनीति और गवर्नेंस को प्रभावित कर सकते हैं, जिन पर निवेशकों की पैनी नजर रहेगी।
जोखिम पर नजर:
कंपनी ने 'एक्सेप्शनल आइटम' के तहत नए लेबर कोड्स से जुड़े अतिरिक्त खर्चों का भी खुलासा किया है, जिसमें ग्रेच्युटी और कॉम्पेंसेटेड एब्सेंस के लिए क्रमशः ₹29 लाख और ₹2 लाख का असर शामिल है। इन कोड्स के अंतिम नियमों और उनके अकाउंटिंग प्रभाव पर लगातार नजर रखने की आवश्यकता होगी।
आगे क्या देखें?
निवेशकों को आने वाली AGM में 10% डिविडेंड के लिए शेयरधारकों की मंजूरी पर ध्यान देना चाहिए। नए होल-टाइम डायरेक्टर, श्री प्रसन्ना जोशी के नेतृत्व में कंपनी की रणनीति और परिचालन निष्पादन पर भी नजर रहेगी। साथ ही, नए लेबर कोड्स के कंपनी की वित्तीय स्थिति पर पड़ने वाले अंतिम प्रभाव की निगरानी करना भी महत्वपूर्ण होगा।
