CR Coil और Stainless Steel में दमदार प्रदर्शन
FY26 में Shyam Metalics का सबसे बड़ा आकर्षण CR Coil और CR Sheets का वॉल्यूम रहा, जिसमें पिछले साल की तुलना में 715.96% की जबरदस्त बढ़ोतरी हुई। यह उछाल पश्चिम बंगाल में नए कोल्ड रोलिंग मिल (CRM) के चालू होने का नतीजा है, जो प्री-पेंटेड गैल्वाल्यूम और गैल्वेनाइज्ड आयरन/स्टील कॉइल बनाने के लिए तैयार की गई है। साथ ही, मार्च FY26 में Stainless Steel के वॉल्यूम में 58.91% की वृद्धि हुई और एवरेज रेवेन्यू में 19.01% का इजाफा दर्ज किया गया।
Carbon Steel, Pig Iron और Sponge Iron में गिरावट
दूसरी ओर, कुछ अहम सेग्मेंट्स में कंपनी को गिरावट का सामना करना पड़ा। पूरे फाइनेंशियल ईयर के लिए, Carbon Steel के एवरेज रेवेन्यू में 3.27% की कमी आई, जबकि Pig Iron में 6.50% की गिरावट दर्ज की गई। Sponge Iron के वॉल्यूम में भी 10.86% की कमी आई, जो मार्जिन पर दबाव और बढ़ती प्रतिस्पर्धा की ओर इशारा करता है।
Odisha प्लांट पर बंद करने का आदेश
कंपनी के लिए सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि सेंट्रल पोल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) ने 3 अप्रैल, 2026 को ओडिशा के रेंगाली स्थित Shyam Metalics के प्लांट को तत्काल बंद करने का आदेश दिया है। यह आदेश गंभीर पर्यावरण नियमों के उल्लंघन के कारण जारी किया गया है। इस फैसले से कंपनी के ऑपरेशंस और प्रतिष्ठा पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है।
विजन 2031 और आगे की योजना
इन चुनौतियों के बावजूद, Shyam Metalics अपनी 'विजन 2031' योजना पर आगे बढ़ रहा है। कंपनी ₹10,000 करोड़ का कैपेक्स (Capital Expenditure) कर रही है, जिसका लक्ष्य 2031 तक अपने रेवेन्यू को ₹40,000 करोड़ तक दोगुना करना है। प्रोडक्शन कैपेसिटी को 15 मिलियन टन से बढ़ाकर 27 मिलियन टन करने की योजना है। इसमें वैल्यू-एडेड सेगमेंट्स जैसे स्पेशियलिटी स्टील और फ्लैट प्रोडक्ट्स पर जोर दिया जा रहा है।
इंडस्ट्री के व्यापक जोखिम
इसके अलावा, कंपनी पहले भी कुछ कानूनी और नियामकीय झटकों से गुजरी है। मई 2019 में, SEBI ने ग्रुप से जुड़ी एक इकाई पर धोखाधड़ी वाले ट्रेड के लिए जुर्माना लगाया था। नवंबर 2025 की रिपोर्टों में 'असामान्य आइटम्स' (unusual items) को लेकर भी चिंता जताई गई थी। स्टील इंडस्ट्री में, Tata Steel और JSW Steel जैसी बड़ी कंपनियां इंटीग्रेटेड प्रोडक्शन पर ध्यान केंद्रित करती हैं, जबकि Shyam Metalics को ESG (Environmental, Social, and Governance) मानकों पर खास ध्यान देना होगा, खासकर ओडिशा प्लांट के मामले में।
