ट्रेडिंग विंडो का ऐलान
Shristi Infrastructure Development Corporation Limited (SIDCL) ने अपने 'डेजिग्नेटेड एम्प्लॉइज' और उनके करीबी रिश्तेदारों के लिए ट्रेडिंग विंडो को 1 अप्रैल, 2026 से बंद करने का फैसला किया है। यह कदम कंपनी के फाइनेंशियल ईयर 2026 (जो 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुआ) के ऑडिटेड फाइनेंशियल नतीजों की घोषणा से जुड़ा है। कंपनी के नतीजे जारी होने के 48 घंटे के भीतर यह ट्रेडिंग विंडो फिर से खोल दी जाएगी। यह SEBI (प्रोहिबिशन ऑफ इनसाइडर ट्रेडिंग) रेगुलेशन्स, 2015 के तहत एक मानक प्रक्रिया है।
क्यों लिया गया ये कदम?
ट्रेडिंग विंडो बंद करने का मुख्य मकसद 'अनपब्लिश्ड प्राइस सेंसिटिव इंफॉर्मेशन' (UPSI) के संभावित दुरुपयोग को रोकना है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि कंपनी की अंदरूनी जानकारी का फायदा कुछ चुनिंदा लोग ही न उठा पाएं और सभी निवेशकों को नतीजों की घोषणा के बाद ही निर्णय लेने का मौका मिले।
कंपनी की स्थिति और हालिया परफॉरमेंस
Shristi Infra इंफ्रास्ट्रक्चर और कंस्ट्रक्शन सेक्टर में सक्रिय है और 1999 से देश भर में काम कर रही है। वित्तीय मोर्चे पर, कंपनी ने हाल ही में FY2024-25 के लिए ₹10.01 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट लॉस दर्ज किया है, जो पिछले वित्तीय वर्ष FY2023-24 के ₹18.40 करोड़ के लॉस की तुलना में एक सुधार है। इस अवधि में कंपनी का टर्नओवर ₹153.68 करोड़ रहा।
जोखिम और नियामक मसले
कंपनी पर नियामकों की नजर भी रही है। Brickwork Ratings ने अनुपालन संबंधी समस्याओं के कारण इसे 'इश्यूअर नॉट कोऑपरेटिंग' के रूप में वर्गीकृत किया था। SIDCL की बुक वैल्यू नेगेटिव है और पिछले 5 सालों में इसकी सेल्स ग्रोथ -24.3% रही है। कुछ सब्सिडियरी कंपनियों के दिवालियापन संहिता (Insolvency & Bankruptcy Code) के तहत जाने से ग्रुप-लेवल वित्तीय तनाव की संभावना बनी हुई है।
निवेशकों के लिए आगे क्या?
निवेशक अब 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के लिए Shristi Infra के ऑडिटेड फाइनेंशियल नतीजों की घोषणा का इंतजार कर रहे हैं। नतीजों के साथ मैनेजमेंट की ओर से मिलने वाली कोई भी कमेंट्री या गाइडेंस, मैनेजिंग डायरेक्टर, मिस्टर सुनील झा की री-अपॉइंटमेंट और SEBI अनुपालन से जुड़े अपडेट्स पर नजर रखी जाएगी।
