टैक्स डिमांड और कंपनी की दलील
Shri Gang Industries & Allied Products ने हाल ही में खुलासा किया है कि उसे ₹28.16 करोड़ के टैक्स डिमांड नोटिस मिले हैं। इनमें ₹65.46 लाख का सेंट्रल सेल्स टैक्स (CST) और ₹27.51 करोड़ का उत्तर प्रदेश वैट (UP VAT) शामिल है। ये नोटिस FY 2022-23 के लिए जारी किए गए हैं।
कंपनी का कहना है कि टैक्स अथॉरिटीज ने उसके उत्पादों पर जो वैट और CST दरें लागू की हैं, वे कंपनी के मुताबिक ज्यादा हैं। इसीलिए, Shri Gang Industries इन ऑर्डर्स के खिलाफ अपील दायर करने की तैयारी में है।
कंपनी का बिज़नेस और वित्तीय स्थिति
हालांकि मैनेजमेंट का मानना है कि इस टैक्स डिमांड का कंपनी के फाइनेंस या ऑपरेशंस पर कोई बुरा असर नहीं पड़ेगा, लेकिन अगर अपील में कंपनी हार जाती है, तो यह एक बड़ा वित्तीय बोझ बन सकता है। यह विवादित राशि कंपनी के मार्केट कैपिटलाइजेशन के मुकाबले काफी बड़ी है।
आपको बता दें कि Shri Gang Industries, जो पहले एडिबल ऑयल (खाद्य तेल) बनाती थी, अब अल्कोहलिक बेवरेज सेक्टर में भी उतर चुकी है। यह इंडियन मेड फॉरेन लिकर (IMFL) और एक्स्ट्रा न्यूट्रल अल्कोहल (ENA) बनाती है। कंपनी उत्तर प्रदेश में Diageo और United Spirits जैसी बड़ी कंपनियों के साथ एग्रीमेंट के तहत काम करती है। हाल ही में, कंपनी ने 1 अप्रैल, 2026 से लागू होने वाले Tilaknagar Industries के साथ एक नया बॉटलिंग एग्रीमेंट भी किया है। इसके अलावा, मार्च 2026 में प्रमोटर CCPS कन्वर्जन के जरिए ₹2.50 करोड़ का कैपिटल इन्फ्यूजन भी पूरा हुआ है, जिससे कंपनी की वित्तीय स्थिति मजबूत हुई है।
आगे क्या?
कंपनी अब CST और UP VAT डिमांड ऑर्डर्स के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू करेगी। मैनेजमेंट को उम्मीद है कि इस दौरान बिजनेस ऑपरेशंस या वित्तीय सेहत पर कोई तत्काल असर नहीं पड़ेगा। शेयरहोल्डर्स कंपनी की अपील्स की प्रगति पर नजर रखेंगे।
Shri Gang Industries के लिए मुख्य जोखिम अपील प्रक्रिया में प्रतिकूल फैसला आना है, जिससे उसे विवादित ₹28 करोड़ का टैक्स चुकाना पड़ सकता है। यह टैक्स और कानूनी दांव-पेंच काफी जटिल हो सकते हैं, और नतीजे की कोई गारंटी नहीं है।
