कंपनी के फाइनेंशियल फिगर्स में बड़ा फेरबदल
Shree Rama Multi-Tech Limited ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए अपने वित्तीय स्टेटमेंट्स में एक महत्वपूर्ण सुधार किया है। कंपनी ने "ऑडिट क्वालिफिकेशन्स के प्रभाव पर स्टेटमेंट" में पहचानी गई गड़बड़ियों को ठीक किया है। इस सुधार के बाद, कंपनी के टोटल एसेट्स अब ₹227.86 करोड़ बताए गए हैं, जबकि पहले यह आंकड़ा सिर्फ ₹2.08 करोड़ था। वहीं, कंपनी की नेट वर्थ में सबसे बड़ा उलटफेर देखने को मिला है, जो पहले ₹13.22 करोड़ के निगेटिव (नकारात्मक) में थी, वो अब सुधरकर ₹177.53 करोड़ पर आ गई है। कुल मिलाकर, इस सुधार से नेट वर्थ में ₹190.75 करोड़ का जबरदस्त इजाफा हुआ है। कंपनी की टोटल लायबिलिटीज भी ₹50.33 करोड़ बताई गई हैं, जो पहले ₹15.29 करोड़ थी।
बंद पड़ी सहायक कंपनी का मसला
इस बीच, Shree Rama Multi-Tech के लिए एक पुरानी समस्या अभी भी बनी हुई है। कंपनी की 100% मालिकाना हक वाली सहायक कंपनी, Shree Rama Mauritius Limited, 2000 के दशक के मध्य से ही निष्क्रिय (defunct) पड़ी है। इसके डायरेक्टर्स ने करीब 2005-06 में ही इस्तीफा दे दिया था। इसी वजह से, कंपनी Ind AS 110 के तहत कंसोलिडेटेड फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स तैयार नहीं कर पा रही है। इसके कारण, कंपनी को लगातार निवेश के मूल्य में कमी के लिए प्रोविजन्स (प्रावधान) करने पड़ रहे हैं।
सुधार का मतलब और आगे क्या?
इस ऑडिट करेक्शन का सबसे बड़ा मतलब यह है कि अब Shree Rama Multi-Tech की स्टैंडअलोन (Standalone) फाइनेंशियल पोजीशन की एक साफ तस्वीर सामने आई है। सही रिपोर्टिंग निवेशकों का भरोसा बनाए रखने और बाजार में पारदर्शिता के लिए बेहद ज़रूरी है। हालाँकि, मॉरिशस की निष्क्रिय सहायक कंपनी का स्ट्रक्चरल इशू, जो कंसोलिडेटेड रिपोर्टिंग में बाधा डाल रहा है, वह अब भी एक अहम डिस्क्लोजर पॉइंट बना हुआ है।
इसकी तुलना में, JK Paper Ltd, Andhra Pradesh Paper Mills Ltd, और TCPL Packaging Ltd जैसी कंपनियां आमतौर पर कंसोलिडेटेड फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स पेश करती हैं, जिनमें ऐसी बंद पड़ी विदेशी सहायक कंपनियों से जुड़ी जटिलताएं कम होती हैं, जिससे उनकी रिपोर्टिंग ज्यादा सीधी होती है।
आगे क्या उम्मीद करें?
निवेशक अब मैनेजमेंट से इस बड़े सुधार के पीछे की वजह और भविष्य में रिपोर्टिंग की सटीकता को लेकर भरोसा चाहेंगे। कंपनी के आने वाले तिमाही नतीजे, मॉरिशस सहायक कंपनी को लेकर कोई नई जानकारी, और ब्रोकरेज फर्मों (Brokerage Firms) की रेटिंग में कोई बदलाव भी अहम संकेत होंगे।
