Shree Digvijay Cement ने Q4 FY26 में अपनी वित्तीय सेहत में जबरदस्त सुधार दिखाया है। कंपनी ने ₹7.95 करोड़ का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया है, जो पिछले क्वार्टर (Q3 FY26) में हुए ₹6.97 करोड़ के नुकसान की भरपाई करता है। यह कंपनी के लिए एक अहम टर्नअराउंड (Turnaround) है।
पूरे फाइनेंशियल ईयर 2025-26 (FY26) के लिए, कंपनी का कुल PAT ₹25 करोड़ रहा, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर (FY25) के ₹25.20 करोड़ के मुकाबले मामूली कमी दर्शाता है। Q4 FY26 में रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशन्स (Revenue from Operations) भी बढ़कर ₹208.47 करोड़ हो गया, जबकि Q3 FY26 में यह ₹183.34 करोड़ था। पूरे FY26 में रेवेन्यू ₹749.10 करोड़ दर्ज किया गया, जो FY25 के ₹725.15 करोड़ से अधिक है।
इस मजबूत नतीजों के साथ, Shree Digvijay Cement ने Hi-Bond Cement (India) Private Limited के साथ एक लंबी अवधि की एक्सक्लूसिव डिस्ट्रीब्यूशन डील (Exclusive Distribution Agreement) को फाइनल किया है। इस पार्टनरशिप को सपोर्ट करने के लिए कंपनी ने ₹400 करोड़ का एक रिफंडेबल सिक्योरिटी डिपॉजिट (Refundable Security Deposit) भी दिया है। यह स्ट्रेटेजिक मूव (Strategic Move) कंपनी के प्रोडक्ट पोर्टफोलियो (Product Portfolio) को बढ़ाने और मार्केट रीच (Market Reach) को एक्सपैंड करने के उद्देश्य से किया गया है, जिसका मकसद भविष्य में सेल्स वॉल्यूम (Sales Volume) और रेवेन्यू को बढ़ाना है।
1944 में स्थापित Shree Digvijay Cement का स्वामित्व हाल के वर्षों में बदला है। 2018 में True North Fund VI LLP और दिसंबर 2025 में India Resurgence Fund (IndiaRF) ने इसमें निवेश किया है। IndiaRF का यह निवेश भारतीय सीमेंट सेक्टर में कंपनी की संभावनाओं पर भरोसा दिखाता है। कंपनी ने अक्टूबर 2025 में एक नया सीमेंट ग्राइंडिंग यूनिट (Cement Grinding Unit) भी चालू किया था, जिसने मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी (Manufacturing Capacity) को दोगुना करके 3.0 मिलियन टन प्रति वर्ष (MTPA) कर दिया है। Hi-Bond Cement की 2.2 MTPA कैपेसिटी को मिलाकर, यह इकाई गुजरात में लगभग 5.2 MTPA की कुल कैपेसिटी के साथ एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी बन जाती है।
शेयरहोल्डर्स (Shareholders) के लिए, Hi-Bond Cement के प्रोडक्ट्स को Shree Digvijay के डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क में सफलतापूर्वक इंटीग्रेट (Integrate) करने से मार्केट शेयर (Market Share) और रेवेन्यू ग्रोथ (Revenue Growth) बढ़ने की उम्मीद है। आगामी एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में शेयरहोल्डर्स से ₹1.0 प्रति इक्विटी शेयर के फाइनल डिविडेंड (Final Dividend) के लिए भी अप्रूवल मांगा गया है।
हालांकि, ₹400 करोड़ का रिफंडेबल सिक्योरिटी डिपॉजिट कंपनी के लिए एक बड़ा फाइनेंशियल कमिटमेंट (Financial Commitment) है, और इस डील की सफल एग्जीक्यूशन (Execution) भविष्य के रिटर्न के लिए महत्वपूर्ण होगी। इसके अलावा, कंपनी को फेवरेबल मार्केट कंडीशन्स (Favourable Market Conditions) और सीमेंट के दाम में मजबूती बनाए रखने की चुनौती का सामना करना पड़ेगा। कंपनी कंपटीशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) की जांच के दायरे में भी है, जो कि टेंडर्स में कार्टेलाइजेशन (Cartelisation) के आरोपों से जुड़ी है।
Shree Digvijay Cement भारतीय सीमेंट मार्केट में UltraTech Cement, Shree Cement जैसे बड़े प्लेयर्स के साथ प्रतिस्पर्धा करती है। कंपनी Hi-Bond डील के जरिए गुजरात में अपनी मौजूदगी मजबूत करने पर फोकस कर रही है। निवेशक अब Hi-Bond सीमेंट के इंटीग्रेशन (Integration) और बिक्री प्रदर्शन पर बारीकी से नजर रखेंगे। साथ ही, नए मेजोरिटी ओनर (Majority Owner) IndiaRF की आगे की स्ट्रेटेजी भी महत्वपूर्ण होगी।
