क्या है ₹149 करोड़ की टैक्स डिमांड?
Shree Cement को वित्त वर्ष 2022-23 के लिए इनकम टैक्स विभाग से एक ड्राफ्ट असेसमेंट ऑर्डर मिला है। इसमें कंपनी पर करीब ₹149 करोड़ का टैक्स बकाया होने का प्रस्ताव है। यह ऑर्डर अजमेर के असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ इनकम टैक्स (Central Circle) ने जारी किया है, जो कंपनी को 31 मार्च 2026 को मिला।
कंपनी का क्या है रुख?
कंपनी ने अपने लीगल एडवाइजर्स (कानूनी सलाहकारों) से सलाह ली है और उनका मानना है कि इनकम टैक्स विभाग द्वारा प्रस्तावित डिसअलाउंसेज (Disallowances) यानी कटौती के दावे टिकने वाले नहीं हैं। इसलिए, Shree Cement इस टैक्स डिमांड के खिलाफ औपचारिक आपत्ति (Objection) दर्ज कराने की तैयारी कर रही है। कंपनी को उम्मीद है कि इस मामले का उसके फाइनेंसियल (वित्तीय) या ऑपरेशनल (कारोबारी) कामकाज पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा।
अगर आपत्ति खारिज हुई तो क्या होगा?
हालांकि, अगर कंपनी की आपत्तियां इनकम टैक्स विभाग को संतुष्ट नहीं कर पातीं, तो ₹149 करोड़ की इस मांग के साथ लागू होने वाला ब्याज भी कंपनी को चुकाना पड़ सकता है। इससे कंपनी के कैश फ्लो (Cash Flow) पर असर पड़ सकता है और इसे अपने वित्तीय नतीजों में भी दिखाना पड़ सकता है।
इंडस्ट्री में Shree Cement की स्थिति
Shree Cement सीमेंट इंडस्ट्री का एक बड़ा खिलाड़ी है। वित्त वर्ष 23 में कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू (Consolidated Revenue) ₹15,665 करोड़ और नेट प्रॉफिट (Profit After Tax) ₹1,279 करोड़ रहा था। प्रस्तावित ₹149 करोड़ की टैक्स डिमांड उसके FY23 रेवेन्यू का लगभग 0.95% है।
आगे क्या देखना होगा?
निवेशकों की नजर Shree Cement द्वारा टैक्स अथॉरिटीज के पास दर्ज की जाने वाली आपत्तियों, फाइनल असेसमेंट ऑर्डर जारी होने और कंपनी द्वारा उठाए जाने वाले किसी भी कानूनी कदम पर रहेगी।
