क्या है पूरा मामला?
कंपनी के अनुसार, Jodhpur टैक्स विभाग ने ₹830.95 लाख, यानी लगभग ₹8.31 करोड़ का GST डिमांड ऑर्डर भेजा है। यह मांग सर्विस टैक्स के कथित तौर पर भुगतान न करने से जुड़ी है।
कंपनी का पक्ष और भविष्य की रणनीति
Shree Cement इस आरोप का पुरजोर खंडन कर रही है। मैनेजमेंट का मानना है कि उनके पास इस मामले में एक बेहद मजबूत पक्ष है और वह निश्चित रूप से जीतेंगे। इसीलिए, कंपनी ने इस ऑर्डर के खिलाफ 15 जुलाई, 2026 तक ट्रिब्यूनल में अपील दायर करने का फैसला किया है। कंपनी ने यह भी साफ किया है कि इस डिमांड का तत्काल कोई बड़ा वित्तीय प्रभाव नहीं पड़ेगा।
टैक्स विवादों का बढ़ता सिलसिला
यह कोई पहला मामला नहीं है जब Shree Cement को ऐसे टैक्स नोटिस मिले हों। कंपनी हाल के दिनों में कई बार टैक्स से जुड़े विवादों में रही है।
- फरवरी 2025 में, बिहार के अधिकारियों ने वैल्यूएशन और इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के मुद्दों पर ₹41.10 करोड़ का GST डिमांड ऑर्डर भेजा था, जिस पर भी कंपनी ने अपील की थी।
- इससे पहले, फरवरी 2026 में, बेलगावी के टैक्स अधिकारियों ने गलत ITC लेने के आरोप में ₹15.60 करोड़ की मांग की थी, जिसे भी कंपनी ने चुनौती दी थी।
- यहां तक कि जनवरी 2026 में, कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय (MCA) ने भी 2013 के कंपनी अधिनियम के तहत Shree Cement की जांच शुरू की थी। यह जांच जून 2023 में आयकर (Income Tax) छापों के दौरान सामने आए ₹23,000 करोड़ के कथित टैक्स चोरी के आरोपों के बाद हुई थी।
इंडस्ट्री में भी ऐसी ही स्थिति
Shree Cement अकेली नहीं है जिसे GST से जुड़ी ऐसी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सीमेंट सेक्टर के दूसरे बड़े खिलाड़ी भी इस तरह के मुद्दों से गुजर चुके हैं। उदाहरण के लिए, UltraTech Cement ने फरवरी 2025 में FY20 के ITC मुद्दों पर ₹1.08 करोड़ के टैक्स डिमांड ऑर्डर का खुलासा किया था। सीमेंट सेक्टर में UltraTech Cement Ltd., Ambuja Cements Ltd., ACC Ltd. और Dalmia Bharat Ltd. जैसे बड़े नाम शामिल हैं।
कंपनी की वित्तीय स्थिति (FY25)
वित्तीय वर्ष 25 के अनुसार, Shree Cement का कुल रेवेन्यू ₹19,872 करोड़ रहा, जबकि नेट इनकम ₹1,123 करोड़ दर्ज की गई। कंपनी की कुल संपत्ति (Assets) ₹28,491 करोड़ थी और इक्विटी ₹21,578 करोड़ थी।
