नतीजों का पूरा ब्यौरा
SCI ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए अपने ऑडिटेड नतीजों को बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की मंजूरी दे दी है। कंपनी ने ₹5,779.79 करोड़ के कंसोलिडेटेड रेवेन्यू पर ₹1,352.92 करोड़ का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया है। वहीं, स्टैंडअलोन बेसिस पर कंपनी ने ₹5,778.13 करोड़ के रेवेन्यू पर ₹1,326.25 करोड़ का प्रॉफिट कमाया है।
कंपनी के बोर्ड ने ₹1 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है। इस पर शेयरहोल्डर्स की मंजूरी आगामी एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में ली जाएगी। स्टेट्यूटरी ऑडिटर ने नतीजों पर एक क्लीन ऑडिट रिपोर्ट दी है।
डिसइन्वेस्टमेंट और इंडस्ट्री का दबाव
ये नतीजे SCI के प्रदर्शन का साफ संकेत देते हैं। प्रस्तावित डिविडेंड शेयरहोल्डर्स के लिए सीधे रिटर्न का जरिया बनेगा, जो कंपनी की अच्छी फाइनेंशियल हेल्थ को दिखाता है। हालांकि, कंपनी के भविष्य का मालिकाना हक और स्ट्रेटेजी सरकार की चल रही डिसइन्वेस्टमेंट प्रक्रिया से जुड़ी है।
SCI, जो भारत की सबसे बड़ी सरकारी शिपिंग कंपनी है, डिपार्टमेंट ऑफ इन्वेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट (DIPAM) द्वारा मैनेज की जा रही लंबी डिसइन्वेस्टमेंट प्रक्रिया से गुजर रही है। इसमें संभावित खरीदारों से एक्सप्रेशंस ऑफ इंटरेस्ट (EOI) मांगना जैसे कदम शामिल हैं।
वैश्विक शिपिंग इंडस्ट्री जियोपॉलिटिकल टेंशन के चलते लगातार चुनौतियों का सामना कर रही है, जिससे ऑपरेटिंग कॉस्ट और शिपिंग रूट्स प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि, SCI का कहना है कि मौजूदा जियोपॉलिटिकल जोखिमों का उसके फाइनेंसियल पर कोई खास असर नहीं पड़ा है। पर, किसी भी बड़े संघर्ष से भविष्य में ऑपरेशनल दिक्कतें आ सकती हैं।
तुलना के लिए, भारत की सबसे बड़ी प्राइवेट शिपिंग फर्म, The Great Eastern Shipping Co. Ltd. (GE Shipping) ने FY26 के लिए लगभग ₹6,500 करोड़ के रेवेन्यू पर ₹2,300 करोड़ का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट दर्ज किया। इससे पता चलता है कि SCI ने अच्छी खासी प्रॉफिटेबिलिटी हासिल की है, भले ही GE Shipping का रेवेन्यू और प्रॉफिट ज्यादा रहा हो।
शेयरहोल्डर्स ₹1 के प्रस्तावित डिविडेंड पर आगामी AGM में वोट करेंगे। निवेशक SCI की डिसइन्वेस्टमेंट प्रक्रिया और टाइमलाइन पर DIPAM से अपडेट्स का इंतजार करेंगे। इसके अलावा, वैश्विक शिपिंग रूट्स को प्रभावित करने वाली जियोपॉलिटिकल सिचुएशन्स में कोई भी बदलाव ट्रैक करने लायक फैक्टर रहेगा।
