PEDA से मिला Sharika Enterprises को नया वर्क ऑर्डर
Sharika Enterprises Limited ने हाल ही में पंजाब एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (PEDA) से एक नया वर्क ऑर्डर हासिल किया है। इस कॉन्ट्रैक्ट के तहत कंपनी पूरे पंजाब में सोलर फोटोवोल्टेइक (SPV) स्ट्रीट लाइटिंग सिस्टम की सप्लाई, इंस्टॉलेशन और कमीशनिंग का काम करेगी। इस प्रोजेक्ट का कुल मूल्य ₹28,36,130 (यानी ₹28.36 लाख) है।
प्रोजेक्ट का दायरा और समय-सीमा
यह नया ऑर्डर 12-वॉट LED-आधारित SPV स्ट्रीट लाइटिंग सिस्टम की आपूर्ति से संबंधित है। कंपनी को इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए 119 दिनों का समय दिया गया है। इस प्रोजेक्ट की शुरुआत 1 अप्रैल, 2026 से होनी है।
कंपनी का पिछला रिकॉर्ड और बड़ी डील्स
Sharika Enterprises पहले भी PEDA के साथ सोलर लाइटिंग प्रोजेक्ट्स पर काम कर चुकी है। इसी साल जनवरी 2026 में कंपनी को ₹40.03 लाख का एक ऑर्डर मिला था, जबकि सितंबर 2025 में ₹38.91 लाख का एक प्रोजेक्ट मिला था। कंपनी ने बड़े सरकारी उपक्रमों जैसे पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया से रूफटॉप सोलर PV के लिए ₹1.36 करोड़ और लार्सन एंड टुब्रो (L&T) से स्मार्ट ग्रिड कंपोनेंट्स के लिए ₹9.47 करोड़ के ऑर्डर भी हासिल किए हैं।
कंपनी के सामने चुनौतियां
हालांकि, कंपनी की वित्तीय स्थिति कुछ समय से जांच के दायरे में है। 2026 की शुरुआत में कंपनी की क्रेडिट रेटिंग को डाउनग्रेड किया गया था। इसके अलावा, फरवरी 2026 में एक डायरेक्टर के कार्यकाल पूरा होने की जानकारी देने में हुई देरी भी सामने आई थी, जिसे कंपनी ने प्रशासनिक चूक बताया था।
तत्काल असर और आगे का रास्ता
यह नया ऑर्डर अगले 119 दिनों के लिए कंपनी की रेवेन्यू विजिबिलिटी को बढ़ाता है। यह सरकारी टेंडर सेगमेंट में रिन्यूएबल एनर्जी सॉल्यूशंस के क्षेत्र में कंपनी की सक्रियता को दर्शाता है।
प्रमुख जोखिम
कंपनी वित्तीय दबावों का सामना कर रही है, जिसका संकेत 2026 में मिले क्रेडिट रेटिंग डाउनग्रेड से मिलता है। मार्च 2025 तक के आंकड़ों के अनुसार, कंपनी के इंटरेस्ट कवरेज रेशियो, कम रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE), अधिक देनदार (debtors) और आकस्मिक देनदारियों (contingent liabilities) को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं। 119 दिनों की प्रोजेक्ट समय-सीमा का पालन करने की क्षमता सहित एग्जीक्यूशन रिस्क (execution risk) भी एक महत्वपूर्ण कारक है।
मार्केट में स्थिति और प्रतिस्पर्धी
भले ही ₹28.36 लाख का यह ऑर्डर छोटा है, Sharika के पिछले PEDA ऑर्डर इससे बड़े या बराबर के रहे हैं, जैसे अक्टूबर 2021 में SPV पावर प्लांट के लिए ₹12.33 करोड़ का ऑर्डर। सोलर स्ट्रीट लाइटिंग और EPC स्पेस में Tata Power Solar Systems जैसे बड़े खिलाड़ी मौजूद हैं, जो बड़े प्रोजेक्ट्स संभालते हैं और उनकी ब्रांड पहचान मजबूत है। SPML Infra Ltd जैसी इंफ्रास्ट्रक्चर EPC फर्म भी ऐसे सरकारी कॉन्ट्रैक्ट्स के लिए प्रतिस्पर्धा करती हैं।
वित्तीय आंकड़े (मार्च 2025 तक)
मार्च 2025 के अंत तक, Sharika Enterprises ने ₹15.2 करोड़ की आकस्मिक देनदारियों (contingent liabilities) की रिपोर्ट की थी। कंपनी का इंटरेस्ट कवरेज रेशियो कम है और पिछले तीन सालों का ROE -4.48% रहा है।
निवेशकों की नजर
निवेशक इस PEDA ऑर्डर के समय पर पूरा होने और इसके रेवेन्यू में योगदान पर बारीकी से नजर रखेंगे। भविष्य में मिलने वाले नए ऑर्डर, खासकर सरकारी और रिन्यूएबल एनर्जी सेगमेंट से, कंपनी के निरंतर विकास के लिए महत्वपूर्ण होंगे। कंपनी की वित्तीय स्थिति को सुधारने और क्रेडिट रेटिंग व ऑपरेशनल एफिशिएंसी से जुड़ी चिंताओं को दूर करने की क्षमता एक मुख्य फोकस बनी रहेगी।
