L&T से मिला ₹9.47 करोड़ का ऑर्डर
Sharika Enterprises Ltd. ने 24 मार्च 2026 को घोषणा की कि उसे Larsen & Toubro Limited (L&T) से एक बड़ा कॉन्ट्रैक्ट मिला है। इस डील के तहत, कंपनी Paschimanchal Vidyut Vitran Nigam Limited (PVVNL) के लिए RDSS Varanasi SCADA PuVVNL प्रोजेक्ट हेतु 998 Fault Passage Indicators (FPIs) की सप्लाई करेगी। इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य पावर डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम की विश्वसनीयता और ऑटोमेशन को बेहतर बनाना है। यह ऑर्डर ₹9.47 करोड़ का है और इसके दिसंबर 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है।
'मेक इन इंडिया' की पहल को बढ़ावा
यह ऑर्डर Sharika Enterprises के लिए स्मार्ट ग्रिड बिजनेस में एक महत्वपूर्ण कदम है। FPIs 'मेक इन इंडिया' उत्पाद हैं और ये इंपोर्ट सब्स्टीट्यूट (आयात के विकल्प) के तौर पर काम करेंगे। इस जीत से भारत सरकार के तकनीकी आत्मनिर्भरता और पावर डिस्ट्रीब्यूशन के आधुनिकीकरण के लक्ष्यों को भी समर्थन मिलेगा। यह कंपनी को Revamped Distribution Sector Scheme (RDSS) के तहत एक महत्वपूर्ण सप्लायर के रूप में स्थापित करता है, जिसका लक्ष्य बिजली के नुकसान को कम करना और ग्रिड की कार्यक्षमता बढ़ाना है।
कंपनी का बैकग्राउंड और भविष्य की राह
1998 में स्थापित, नॉएडा स्थित Sharika Enterprises मुख्य रूप से पावर और टेलीकॉम सेक्टर में EPC (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन) कॉन्ट्रैक्ट्स, विशेष असेंबली, ट्रेडिंग और रिप्रेजेंटेशन सेवाएं प्रदान करती है। कंपनी स्मार्ट MV स्विचगियर, फॉल्ट पैसेज इंडिकेटर्स (FPIs), SCADA और ऑटोमेशन सॉल्यूशंस जैसे उत्पाद देती है। हाल ही में, कंपनी ने JSW Steel से केबल इंस्टॉलेशन के लिए ₹19.14 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट (सितंबर 2025) और Power Grid Corporation से सोलर PV सिस्टम के लिए ₹1.36 करोड़ का ऑर्डर (फरवरी 2026) भी हासिल किया है।
इस नए ऑर्डर से कंपनी की रेवेन्यू में ₹9.47 करोड़ का योगदान होगा। साथ ही, यह 'मेक इन इंडिया' पहल के तहत स्वदेशी मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं को और मजबूत करेगा और L&T जैसे प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर प्लेयर के साथ कंपनी के संबंधों को गहरा करेगा।
वित्तीय जोखिम और चुनौतियाँ
हालांकि, कंपनी को कुछ वित्तीय चुनौतियों का भी सामना करना पड़ रहा है। 2026 की शुरुआत में, लगातार रेवेन्यू में गिरावट और EBITDA लॉसेस के चलते कंपनी की क्रेडिट रेटिंग में कटौती की गई थी। कंपनी को डायरेक्टर्स के कार्यकाल की घोषणा में देरी का भी सामना करना पड़ा था। इसके अलावा, एक 'Litigation Search Report' भी उपलब्ध है, जो संभावित कानूनी मामलों की ओर इशारा करती है।
बाज़ार की स्थिति
भारत में फॉल्टेड सर्किट इंडिकेटर (FCI) मार्केट का मूल्य 2024 में USD 105.07 मिलियन था और इसके 2032 तक USD 156.29 मिलियन तक पहुंचने का अनुमान है, जिसकी CAGR 5.20% है। Sharika Enterprises इस क्षेत्र में C&S Electric Limited, Ravin Group जैसी भारतीय कंपनियों के साथ-साथ Siemens AG, ABB India Ltd., और Schneider Electric जैसी ग्लोबल फर्मों से प्रतिस्पर्धा करती है।