इनसाइडर ट्रेडिंग रोकने के लिए एक्शन
Shantidoot Infra Services Limited ने अपने प्रमुख कर्मचारियों और उनसे जुड़े लोगों के लिए ट्रेडिंग विंडो को 1 अप्रैल, 2025 से तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया है। यह एक रूटीन प्रक्रिया है, जो SEBI के इनसाइडर ट्रेडिंग प्रोहिबिशन रेगुलेशंस का पालन करते हुए की जाती है। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कंपनी के अंदरूनी लोगों को ऐसी कोई भी गैर-सार्वजनिक (non-public) जानकारी न मिले, जिसका इस्तेमाल वे शेयर की खरीद-बिक्री में कर सकें। यह विंडो कंपनी द्वारा 31 मार्च, 2026 को समाप्त होने वाले फाइनेंशियल ईयर के ऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स जारी करने के 48 घंटे बाद ही दोबारा खोली जाएगी।
कंपनी के बड़े प्लान्स
यह कदम कंपनी की आने वाली कॉर्पोरेट गतिविधियों के बीच उठाया गया है। Shantidoot Infra Services, जो बिहार में 2019 से निर्माण और रियल एस्टेट डेवलपमेंट का काम कर रही है, अब अपने अधिकृत शेयर कैपिटल (authorized share capital) को बढ़ाने और फंड जुटाने के विकल्पों पर विचार कर रही है। एक बोर्ड मीटिंग 31 मार्च, 2026 को होनी है, जिसमें इन प्रस्तावों पर गौर किया जाएगा। इसके अलावा, शेयरधारकों से ₹3 करोड़ से बढ़ाकर ₹13 करोड़ तक अधिकृत शेयर कैपिटल बढ़ाने की मंजूरी भी 25 अप्रैल, 2026 को होने वाली एक्स्ट्राऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EGM) में मांगी जाएगी।
निवेशकों के लिए क्या है मतलब?
ट्रेडिंग विंडो बंद रहने के दौरान, कंपनी के नियुक्त व्यक्ति और उनके संबंधी Shantidoot Infra Services के शेयरों में कोई भी खरीद-बिक्री नहीं कर पाएंगे। यह प्रतिबंध तब तक जारी रहेगा जब तक कंपनी अपने वित्तीय नतीजे जारी नहीं कर देती। कंपनी इंफ्रास्ट्रक्चर और कंस्ट्रक्शन सेक्टर में सक्रिय है। निवेशकों को अब कंपनी के FY2025-26 के ऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स के आधिकारिक ऐलान की तारीख पर नज़र रखनी चाहिए, क्योंकि उसी के आधार पर ट्रेडिंग विंडो के खुलने का समय तय होगा।
