कंपनी का डिमैट स्टेटस: बड़ी खबर!
Shantidoot Infra Services Ltd ने अपने रजिस्ट्रार और शेयर ट्रांसफर एजेंट (RTA), Bigshare Services Pvt. Ltd., से कन्फर्म किया है कि 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुई तिमाही के लिए SEBI रेगुलेशन 74(5) उन पर लागू नहीं होता। 6 अप्रैल, 2026 को जारी इस कन्फर्मेशन में RTA ने साफ किया कि कंपनी के सभी शेयर डिमैटेरियलाइज्ड (डिजिटल) फॉर्म में हैं। इसका मतलब है कि इस अवधि के दौरान फिजिकल सर्टिफिकेट को डिजिटल या डिजिटल को फिजिकल में कन्वर्ट करने की कोई भी रिक्वेस्ट प्रोसेस नहीं की गई।
SEBI रेगुलेशन 74(5) क्यों है खास?
SEBI का रेगुलेशन 74(5) (जो Depositories and Participants Regulations, 2018 का हिस्सा है) लिस्टेड कंपनियों के लिए ज़रूरी है कि वे हर तिमाही अपने RTA से एक सर्टिफिकेट जमा कराएं। यह सर्टिफिकेट कन्फर्म करता है कि डिमैटेरियलाइजेशन के लिए मिले फिजिकल शेयर सर्टिफिकेट कैंसिल कर दिए गए हैं और उनके बदले आए डिजिटल शेयर अब एक्सचेंजों पर लिस्टेड हैं। Shantidoot Infra Services के मामले में, कंपनी के सभी शेयर पहले से ही डिजिटल हैं, इसलिए यह प्रक्रिया अप्लाई नहीं होती। यह कन्फर्मेशन कंपनी के शेयरहोल्डिंग सिस्टम की इंटीग्रिटी और मजबूत कॉर्पोरेट गवर्नेंस की ओर इशारा करता है।
कंपनी का कारोबार
Shantidoot Infra Services Ltd, जिसकी स्थापना मार्च 2019 में हुई थी, बिहार में कंस्ट्रक्शन और रियल एस्टेट डेवलपमेंट का काम करती है। कंपनी रेजिडेंशियल, कमर्शियल, एजुकेशनल और हॉस्पिटल प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है। यह जून 2022 में पब्लिक लिमिटेड कंपनी बनी थी।
सेक्टर में कंप्लायंस का महत्व
इंफ्रास्ट्रक्चर और कंस्ट्रक्शन सेक्टर की अन्य कंपनियां जैसे PNC Infratech Ltd, Patel Engineering Ltd, और Akash Infra-Projects Ltd भी शेयरहोल्डिंग और डिमैटेरियलाइजेशन से जुड़े ऐसे ही रेगुलेटरी नियमों का पालन करती हैं।
