सोलर मैन्युफैक्चरिंग में Shakti Pumps का बड़ा निवेश
Shakti Pumps India Ltd ने 18 अप्रैल 2026 को घोषणा की कि वे अपनी 100% सहायक कंपनी Shakti Energy Solutions Limited में ₹17 करोड़ की बड़ी पूंजी डाल रहे हैं। इस पैसे से मध्य प्रदेश के Pithampur में एक बिल्कुल नई (greenfield) मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी (manufacturing facility) लगाई जाएगी, जिसमें Solar DCR सेल्स और PV मॉड्यूल्स बनाए जाएंगे। इस प्लांट की प्लानिंग क्षमता 2.20 GW रखी गई है।
यह बड़ा कदम Shakti Pumps के रिन्यूएबल एनर्जी (renewable energy) सेगमेंट को और मजबूत करने की उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। सोलर कंपोनेंट्स (solar components) के मैन्युफैक्चरिंग में उतरकर, कंपनी का लक्ष्य तेजी से बढ़ते सोलर मार्केट में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाना है। यह उनके ₹17,000 मिलियन के बड़े कैपिटल एक्सपेंडिचर (capex) प्लान का भी हिस्सा है, जिसमें यह 2.2 GW का सोलर प्लांट शामिल है।
वैसे तो Shakti Pumps हमेशा से पंप बनाने के लिए जानी जाती रही है, लेकिन कंपनी धीरे-धीरे सोलर एनर्जी सेक्टर पर अपना फोकस बढ़ा रही है। वे अपनी सहायक कंपनियों का इस्तेमाल खास एरिया में ग्रोथ के लिए कर रहे हैं। SEBI के 13 जुलाई 2023 के एक सर्कुलर के तहत भी कंपनी अपनी सहायक कंपनियों में रणनीतिक निवेश कर रही है।
नई फैसिलिटी से सोलर सेल्स और PV मॉड्यूल्स की प्रोडक्शन कैपेसिटी (production capacity) काफी बढ़ेगी। इससे कंपनी सोलर एनर्जी सेक्टर में अपनी वर्टिकल इंटीग्रेशन (vertical integration) को मजबूत कर सकेगी और कमाई के नए रास्ते खुलेंगे। यह कंपनी को बढ़ती घरेलू और अंतरराष्ट्रीय सोलर कंपोनेंट्स की मांग का फायदा उठाने के लिए तैयार करेगा।
Shakti Pumps को इस सेक्टर में Sterling and Wilson Renewable Energy Ltd और Waaree Renewable Technologies Ltd जैसे दिग्गजों से मुकाबला करना होगा, जो पहले से ही अपनी कैपेसिटी बढ़ा रहे हैं। वहीं, Borosil Renewables Ltd सोलर ग्लास सेगमेंट में एक अहम सप्लायर है, जो कंपोनेंट इकोसिस्टम (ecosystem) में हो रही ग्रोथ को दिखाता है।
इस सेगमेंट में ग्रोथ पहले से ही Shakti Pumps की सहायक कंपनी के लिए दिख रही है। Shakti Energy Solutions ने फाइनेंशियल ईयर (Financial Year) 2025 में ₹216.53 करोड़ का टर्नओवर (turnover) दर्ज किया, जो फाइनेंशियल ईयर 2024 के ₹139.59 करोड़ और फाइनेंशियल ईयर 2023 के ₹99.15 करोड़ से काफी ज्यादा है।
निवेशक अब नई 2.20 GW मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के शुरू होने के टाइमलाइन, सोलर सेल्स और PV मॉड्यूल्स के लिए ऑर्डर बुक (order book) में हो रहे डेवलपमेंट और मैनेजमेंट के कमेंट्री पर नजर रखेंगे कि नया प्लांट कुल रेवेन्यू (revenue) और प्रॉफिटेबिलिटी (profitability) में कितना योगदान देगा। सरकारी इंसेंटिव्स (incentives) और सोलर मैन्युफैक्चरिंग को प्रभावित करने वाली पॉलिसी (policy) में बदलावों पर अपडेट भी महत्वपूर्ण होंगे।
