शेयरधारकों के लिए क्या है खास?
Shakti Press ने योग्य शेयरहोल्डर्स के लिए 7 नए इक्विटी शेयर जारी करने का फैसला किया है, जो उनके पास मौजूद हर 1 इक्विटी शेयर के बदले मिलेंगे. कंपनी ने 29 अप्रैल 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की है. इस इश्यू के लिए सब्सक्रिप्शन विंडो 7 मई 2026 को खुलेगी और 18 मई 2026 को बंद होगी.
इस फंडरेज़िंग का मुख्य मकसद कंपनी की वर्किंग कैपिटल को मज़बूत करना और प्रिंटिंग व पैकेजिंग बिज़नेस में कंपनी के रोज़मर्रा के कामकाज को सहारा देना है. हालाँकि, शेयरहोल्डर्स के पास एक अहम फैसला है: उन्हें या तो अपने अधिकारों का इस्तेमाल करके नए शेयर खरीदने होंगे, या फिर इश्यू बंद होने से पहले अपने अधिकार बेचने होंगे. ऐसा न करने पर उनकी कंपनी में हिस्सेदारी (ownership stake) कम हो सकती है, जिसे डाइल्यूशन (Dilution) कहते हैं.
कंपनी, जो 1993 में इनकॉर्पोरेट हुई थी, ने 31 मार्च 2025 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर (Financial Year) के लिए ₹13.1 करोड़ का रेवेन्यू (revenue) दर्ज किया था. यह पहली बार नहीं है जब Shakti Press ने फंड जुटाने की कोशिश की हो; पहले भी राइट्स इश्यू और वारंट्स के प्रेफरेंशियल इश्यू के लिए बोर्ड से मंजूरी मिली थी, लेकिन उन्हें स्थगित कर दिया गया था.
निवेशकों को संभावित जोखिमों के बारे में भी सोचना चाहिए, जैसे कि बिना किसी मुआवज़े के अधिकारों का लैप्स हो जाना और जो लोग इसमें भाग नहीं लेते, उनकी शेयरहोल्डिंग का डाइल्यूट होना. नए शेयरों की लिस्टिंग अप्रूवल (listing approvals) में देरी और राइट्स एंटाइटलमेंट्स की ट्रेडिंग प्राइस में अस्थिरता का जोखिम भी बना हुआ है. ऐतिहासिक रूप से, Shakti Press की कमाई में गिरावट आई थी, हालांकि हाल ही में कंपनी मुनाफे में लौटी है, लेकिन इसका रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) अभी भी कम है.
प्रिंटिंग और स्टेशनरी सेक्टर में काम करने वाली Shakti Press, Flair Writing Industries Ltd., Navneet Education Ltd., और Doms Industries Ltd. जैसी बड़ी कंपनियों की तुलना में काफी छोटी है. फाइनेंशियल ईयर 25 का इसका रेवेन्यू और अनुमानित मार्केट कैपिटलाइज़ेशन ₹9-11 करोड़ इसी अंतर को दर्शाते हैं.
