'शाह फूड्स' का एनर्जी सेक्टर में बड़ा कदम!
'शाह फूड्स लिमिटेड' (Shah Foods Limited) अब पावर स्टोरेज और बैकअप सॉल्यूशंस के बिजनेस में उतरने जा रही है। कंपनी ने 'Tandhan Power Technologies Private Limited' (TPTPL) में 100% हिस्सेदारी खरीदने के लिए ₹99.28 करोड़ का बड़ा दांव लगाया है। इस सौदे के तहत शेयर स्वैप (Share Swap) और नकद भुगतान (Cash Payment) दोनों का मिश्रण होगा।
'Tandhan Power' ने Financial Year 2025 में ₹144.35 करोड़ का टर्नओवर दर्ज किया था। यह कदम 'शाह फूड्स' के लिए एक बड़ा विविधीकरण (Diversification) है, क्योंकि कंपनी अब अपने पारंपरिक बिजनेस से हटकर तेजी से बढ़ते एनर्जी स्टोरेज मार्केट में अपनी पहचान बनाएगी। उम्मीद है कि इस अधिग्रहण से दोनों कंपनियों के बीच ऑपरेशनल तालमेल (Operational Synergies) बढ़ेगा और 'शाह फूड्स' की बाज़ार पहुंच (Market Reach) भी विस्तृत होगी।
'शाह फूड्स' का पुराना इतिहास
1982 में स्थापित 'शाह फूड्स लिमिटेड' की शुरुआत फूड प्रोसेसिंग से हुई थी, जिसमें वे 'ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज' के लिए बिस्किट बनाते थे। 2019 में बिस्किट यूनिट बंद करने के बाद, कंपनी फल और सब्जियों के थोक व्यापार में आ गई, जो अब उनके रेवेन्यू का मुख्य जरिया है। नए प्रोजेक्ट्स के लिए फंड जुटाने के वास्ते कंपनी ने हाल ही में शेयर कैपिटल बढ़ाया है।
मार्केट में 'Tandhan Power' की स्थिति
'Tandhan Power Technologies Private Limited' की FY25 की ₹144.35 करोड़ की टर्नओवर, इस सेक्टर की बड़ी कंपनियों जैसे 'Exide Industries' (FY24 रेवेन्यू ~₹16,588 करोड़) और 'Amara Raja Energy & Mobility' (FY24 रेवेन्यू ~₹12,846 करोड़) की तुलना में काफी कम है। इस कॉम्पिटिटिव सेक्टर में 'HBL Power Systems' (FY24 रेवेन्यू ~₹2,251 करोड़) और 'Luminous Power Technologies' जैसी कंपनियां भी शामिल हैं।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
- अधिग्रहण का पूरा होना और TPTPL का संचालन 'शाह फूड्स' में एकीकृत (Integrate) होना।
- SEBI (SAST) रेगुलेशन्स के तहत ओपन ऑफर (Open Offer) प्रक्रिया का प्रबंधन।
- संयुक्त इकाई का प्रदर्शन और TPTPL का रेवेन्यू व प्रॉफिट में योगदान।
- एनर्जी स्टोरेज सेगमेंट में नए ग्रोथ प्लान और कैपिटल की जरूरतें।
