Setco Automotive का बड़ा फैसला: सब्सिडियरी बेची, अब ₹185 करोड़ में बदलेगी पहचान

INDUSTRIAL-GOODSSERVICES
Whalesbook Corporate News Logo
AuthorKaran Malhotra|Published at:
Setco Automotive का बड़ा फैसला: सब्सिडियरी बेची, अब ₹185 करोड़ में बदलेगी पहचान
Overview

Setco Automotive ने अपनी सब्सिडियरी Setco Auto Systems Private Limited (SASPL) का बड़ा हिस्सा RSB Transmissions को **₹185 करोड़** में बेचने का फैसला किया है। इस डील के बाद Setco, SASPL का कंट्रोल खो देगी और कंपनी का नाम बदलकर Shilayan Industries रखने की योजना है।

घाटे से उबरने की कोशिश में Setco Automotive

Setco Automotive ने अपनी सहायक कंपनी Setco Auto Systems Private Limited (SASPL) की लगभग 41% हिस्सेदारी RSB Transmissions (I) Limited को ₹185 करोड़ में बेचने की मंजूरी दे दी है। इस शुरुआती डील की अंतिम कीमत SASPL के नेट डेट (Net Debt) और वर्किंग कैपिटल (Working Capital) के आधार पर तय की जाएगी। इसके बाद, Setco अपनी बची हुई 24% हिस्सेदारी भी फाइनेंशियल ईयर 2027-28 तक ₹255 करोड़ तक में बेच सकती है, जो भविष्य के परफॉरमेंस (Performance) पर निर्भर करेगा।

कंपनी ने यह भी ऐलान किया है कि वह अपना कॉर्पोरेट नाम बदलकर Shilayan Industries Limited करेगी और 'Setco' ब्रांड का इस्तेमाल बंद कर देगी। जैसे ही यह हिस्सेदारी बेची जाएगी, Setco की SASPL में हिस्सेदारी 50% से कम हो जाएगी, जिसका मतलब है कि कंपनी का इस सब्सिडियरी पर कंट्रोल खत्म हो जाएगा।

रणनीतिक बदलाव और मुश्किलें

यह डील Setco Automotive के लिए एक बड़ा रणनीतिक बदलाव (Strategic Shift) है। कंपनी अपने क्लच मैन्युफैक्चरिंग (Clutch Manufacturing) के मुख्य काम से हट रही है। इस बिक्री का मकसद कंपनी के स्ट्रक्चर (Structure) को सरल बनाना और उसकी फाइनेंशियल (Financial) स्थिति को सुधारना है, जो पिछले कुछ समय से काफी दबाव में रही है।

हालांकि, इस ट्रांजैक्शन (Transaction) में कुछ पेचीदगियां भी हैं। पेमेंट का एक हिस्सा भविष्य की परफॉरमेंस से जुड़ा है और शेयरहोल्डर अप्रूवल (Shareholder Approval) की भी ज़रूरत पड़ेगी, क्योंकि एक अहम बिजनेस यूनिट का कंट्रोल छिन जाएगा।

कंपनी का सफर और चुनौतियां

Setco Automotive की स्थापना 1982 में हुई थी और यह क्लच व अन्य ऑटो कंपोनेंट्स बनाती है। हाल के सालों में कंपनी को भारी फाइनेंशियल मुश्किलों का सामना करना पड़ा है। फाइनेंशियल ईयर 21 से फाइनेंशियल ईयर 25 तक रेवेन्यू (Revenue) बढ़ने के बावजूद, कंपनी लगातार नेट लॉस (Net Loss) दर्ज कर रही है और उसका शेयरहोल्डर इक्विटी (Shareholder Equity) निगेटिव हो गया है, जबकि कुल देनदारियां (Liabilities) काफी बढ़ गई हैं।

फरवरी 2026 में, Setco के प्रमोटर्स और डायरेक्टर्स पर SEBI ने फंड डायवर्जन (Fund Diversion) और गवर्नेंस (Governance) में गड़बड़ी के आरोप में जुर्माना लगाया था और बैन भी लगाया था। इसके अलावा, कंपनी को जनवरी 2026 में स्टॉक एक्सचेंजों से रेगुलेटरी नॉन-कंप्लायंस (Regulatory Non-compliance) के लिए चेतावनी पत्र भी मिले थे। सितंबर 2021 में, India Resurgence Fund (IRF) ने कंपनी के रीस्ट्रक्चरिंग (Restructuring) में मदद के लिए ₹615 करोड़ का निवेश किया था, जिसके तहत क्लच बिजनेस को SASPL में ट्रांसफर किया गया था। तब से, SASPL और एक अन्य सब्सिडियरी Lava Cast Private Limited (LCPL) दोनों ने 'गोइंग कंसर्न से संबंधित मटेरियल अनिश्चितता' (material uncertainty related to going concern) जताई है, जिससे कंपनी की ऑपरेशनल कैपेसिटी पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

मुख्य बदलाव और उनके मायने

  • Setco Automotive, SASPL पर अपना कंट्रोल खो देगी क्योंकि उसकी हिस्सेदारी 50% से नीचे चली जाएगी।
  • कंपनी का नाम बदलकर Shilayan Industries Limited करने का इरादा है।
  • 'Setco' ब्रांड नाम का इस्तेमाल बंद कर दिया जाएगा।
  • कंपनी क्लच मैन्युफैक्चरिंग सेगमेंट से दूर हटकर अपने बाकी ऑपरेशन्स पर फोकस करेगी।

संभावित जोखिम

  • शुरुआती बिक्री की अंतिम कीमत SASPL के नेट डेट और वर्किंग कैपिटल के एडजस्टमेंट (Adjustment) पर निर्भर है।
  • बिक्री से मिलने वाली रकम का एक बड़ा हिस्सा SASPL के भविष्य के EBITDA परफॉरमेंस से जुड़ा है, जो परफॉरमेंस पर निर्भरता बढ़ाता है।
  • बची हुई शेयरों की बिक्री भी तय परफॉरमेंस मेट्रिक्स (Performance Metrics), जिसमें EBITDA थ्रेशोल्ड (EBITDA Thresholds) शामिल हैं, पर टिकी है।
  • पूरे ट्रांजैक्शन के लिए शेयरहोल्डर अप्रूवल ज़रूरी है, क्योंकि कंपनी अपने कंट्रोल वाली इकाई का कंट्रोल खो रही है।

प्रतिस्पर्धियों से तुलना

Setco Automotive की स्थिति Samvardhana Motherson International (मार्केट कैप ~₹1.3 लाख करोड़) और Bosch Ltd (मार्केट कैप ~₹98,365 करोड़) जैसी बड़ी और स्थापित ऑटो कंपोनेंट कंपनियों से काफी अलग है, जिनकी फाइनेंशियल स्थिति आम तौर पर मजबूत और ऑपरेशनल स्थिरता बेहतर होती है। Setco का मार्केट कैपिटलाइजेशन (Market Capitalization) लगभग ₹253 करोड़ है, जो काफी कम है। कंपनी की मौजूदा फाइनेंशियल दिक्कतें और रेगुलेटरी मुद्दे इस रणनीतिक बिक्री की ज़रूरत को बताते हैं।

मुख्य फाइनेंशियल आंकड़े

  • रेवेन्यू में वृद्धि हुई है, फाइनेंशियल ईयर 21 के ₹359.26 करोड़ से बढ़कर फाइनेंशियल ईयर 25 में ₹718.63 करोड़ हो गया है।
  • कुल कर्ज (Total Debt) में काफी वृद्धि हुई है, मार्च 2021 के ₹464 करोड़ से बढ़कर मार्च 2025 में ₹1,116 करोड़ हो गया है।
  • लगातार नेट लॉस (Net Losses) दर्ज किए जा रहे हैं, फाइनेंशियल ईयर 25 के लिए ₹126.33 करोड़ का घाटा रिपोर्ट किया गया है।

आगे क्या देखें

  • 25 अप्रैल, 2026 को होने वाली एक्स्ट्राऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (Extraordinary General Meeting) में शेयरहोल्डर अप्रूवल।
  • निर्धारित 120 दिनों की अवधि के भीतर शुरुआती बिक्री का सफल समापन।
  • Shilayan Industries Limited के रूप में कॉर्पोरेट नाम बदलने से संबंधित रेगुलेटरी फाइलिंग्स।
  • फाइनेंशियल ईयर 2027-28 में बची हुई SASPL शेयरों की बिक्री और परफॉरमेंस-लिंक्ड पेमेंट्स (Performance-linked payments) से जुड़े डेवलपमेंट।
  • नए नाम के तहत कंपनी के बाकी बचे बिजनेसेज की रणनीतिक दिशा और परफॉरमेंस।
Disclaimer:This content is for informational purposes only and does not constitute financial or investment advice. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making decisions. Investments are subject to market risks, and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors are not liable for any losses. Accuracy and completeness are not guaranteed, and views expressed may not reflect the publication’s editorial stance.