Q4 में रेवेन्यू की उछाल, पर मुनाफे में नरमी
Seshasayee Paper and Boards Ltd (SPB) के नतीजे मिले-जुले रहे हैं। मार्च 2026 को समाप्त हुई चौथी तिमाही में कंपनी ने ₹603.47 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 15.93% ज्यादा है। यह शानदार ग्रोथ एक्विजिशन (Acquisition) के कारण संभव हो पाई। लेकिन, कंपनी के खर्चे भी 17.75% बढ़ गए, जिसकी वजह से तिमाही नेट प्रॉफिट पर थोड़ा असर पड़ा।
पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) की बात करें तो, कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 3.50% घटकर ₹1,759.20 करोड़ रहा। वहीं, नेट प्रॉफिट में 24.40% की बड़ी गिरावट देखी गई और यह ₹82.53 करोड़ पर सिमट गया, जबकि पिछले साल यानी FY25 में यह ₹109.17 करोड़ था।
कंपनी पर अब कर्ज शून्य, डिविडेंड का ऐलान
एक बड़ी अच्छी खबर यह है कि कंपनी ने अपने सभी मौजूदा कर्ज (Current Borrowings) को खत्म कर दिया है। 31 मार्च 2026 तक कंपनी पर कोई भी चालू कर्ज नहीं है। मैनेजमेंट ने शेयरधारकों के लिए ₹2.00 प्रति शेयर के डिविडेंड (Dividend) का भी ऐलान किया है।
Servalakshmi Paper का अधिग्रहण बनी बड़ी चाल
कंपनी की इस फाइनेंशियल पिक्चर में Servalakshmi Paper Limited की एसेट्स का NCLT नीलामी के जरिए अधिग्रहण एक अहम डेवलपमेंट है। इस कदम से कंपनी अपनी प्रोडक्शन कैपेसिटी बढ़ाना चाहती है और मार्केट में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है। यह कदम कंपनी की ऑपरेशनल क्षमता को बढ़ाने और एक मुश्किल दौर से गुजर रही एसेट को फिर से खड़ा करने की दिशा में उठाया गया है।
आगे क्या उम्मीदें?
- Servalakshmi Paper की एक्वायर्ड एसेट्स को इंटीग्रेट करने से प्रोडक्शन कैपेसिटी और मार्केट शेयर में इजाफा होने की उम्मीद है।
- कर्ज खत्म होने से कंपनी की बैलेंस शीट मजबूत हुई है।
- कंपनी का फोकस अब एक्वायर्ड एसेट्स को ऑपरेट करने और लागत कम करने पर रहेगा।
- शेयरधारकों को ₹2.00 प्रति शेयर डिविडेंड मिलेगा।
जोखिम और चुनौतियाँ
- एक्वायर की गई Servalakshmi Paper की एसेट्स को सफलतापूर्वक इंटीग्रेट करना और उन्हें फिर से चालू करना सबसे बड़ी चुनौती होगी।
- Q4 की रेवेन्यू ग्रोथ को FY27 में भी बनाए रखना, खासकर ग्लोबल इकोनॉमी की अनिश्चितताओं के बीच।
- बढ़ते इनपुट कॉस्ट और ऑपरेशनल खर्चों को मैनेज करना ताकि मार्जिन पर और दबाव न पड़े।
