कंसॉलिडेटेड और स्टैंडअलोन प्रदर्शन में बड़ा अंतर
Sejal Glass Ltd. ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के लिए अपने ऑडिट किए गए नतीजे पेश किए हैं। कंसॉलिडेटेड आधार पर, कंपनी का रेवेन्यू 63.85% बढ़कर 401.36 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जबकि नेट प्रॉफिट में भी भारी उछाल आया और यह 29.03 करोड़ रुपये रहा। कंपनी की नेट वर्थ (Net Worth) भी 38.09 करोड़ रुपये से बढ़कर 151.32 करोड़ रुपये हो गई, जो एक मजबूत बैलेंस शीट का संकेत है। इन नतीजों को एक क्लीन, अनमॉडिफाइड ऑडिट ओपिनियन (Unmodified Audit Opinion) मिला है।
चौथी तिमाही (Q4 FY26) की बात करें तो कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू में 72.10% की बढ़त के साथ यह 116.85 करोड़ रुपये रहा, और नेट प्रॉफिट 11.42 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।
स्टैंडअलोन बिजनेस में क्यों हुआ घाटा?
इसके विपरीत, स्टैंडअलोन स्तर पर कंपनी के लिए तस्वीर थोड़ी अलग है। FY26 में स्टैंडअलोन रेवेन्यू 77.53% बढ़कर 125.27 करोड़ रुपये हो गया, लेकिन खर्चों में भारी बढ़ोतरी के कारण कंपनी को 1.93 करोड़ रुपये का नेट लॉस (Net Loss) हुआ। स्टैंडअलोन खर्चे FY25 के 66.56 करोड़ रुपये से बढ़कर FY26 में 127.20 करोड़ रुपये हो गए, जो रेवेन्यू से ज्यादा थे। स्टैंडअलोन स्तर पर Q4 FY26 में रेवेन्यू 36.18 करोड़ रुपये रहा और नेट प्रॉफिट 0.33 करोड़ रुपये दर्ज हुआ।
आगे क्या उम्मीदें?
कंपनी के नतीजे निवेशकों के लिए मिले-जुले संकेत दे रहे हैं। कंसॉलिडेटेड ग्रोथ मजबूत है, जो हालिया कैपिटल इन्फ्यूजन (Capital Infusion) और स्ट्रैटेजिक एक्विजिशन (Strategic Acquisition) के कारण संभव हुआ है। हालांकि, स्टैंडअलोन यूनिट के लिए ऑपरेटिंग एफिशिएंसी (Operating Efficiency) और कॉस्ट मैनेजमेंट (Cost Management) पर खास ध्यान देने की जरूरत होगी। कंपनी ने हाल ही में सितंबर 2025 और अप्रैल 2025 में 166 करोड़ रुपये से अधिक की फंडरेज़िंग (Fundraising) की थी और अप्रैल 2025 में Glasstech Industries (India) Pvt. Ltd. के आर्किटेक्चरल ग्लास मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस का अधिग्रहण भी किया था, जिसने प्रोडक्शन कैपेसिटी और मार्केट रीच बढ़ाई है।
निवेशकों को अब मैनेजमेंट की तरफ से स्टैंडअलोन बिजनेस की प्रॉफिटेबिलिटी (Profitability) को बेहतर बनाने और खर्चों को कंट्रोल करने की रणनीति पर नजर रखनी होगी।
