Vadodara प्लांट में निवेश क्यों बढ़ाया?
Schneider Electric Infrastructure Limited (SEIL) के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने Vadodara स्थित अपने प्लांट के लिए Switchgear क्षमता बढ़ाने के Capital Expenditure (CapEx) को बढ़ा दिया है। पहले जहां इस विस्तार के लिए ₹110.2 करोड़ का बजट था, उसे बढ़ाकर अब ₹156.4 करोड़ कर दिया गया है। यह बढ़ा हुआ निवेश भविष्य की स्केलेबिलिटी (scalability) को सपोर्ट करने के लिए अतिरिक्त शॉप फ्लोर और सिविल/स्ट्रक्चरल कार्यों के लिए फंड करेगा।
रणनीतिक कदम और ऐतिहासिक संदर्भ
यह बड़ा निवेश SEIL के बढ़ते घरेलू Switchgear उत्पादों की मांग में विश्वास को दर्शाता है। कंपनी अपने मैन्युफैक्चरिंग बेस को मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है। इससे पहले, SEIL ने Vadodara में Switchgear पैनल कैपेसिटी के विस्तार के लिए ₹110.20 करोड़ का प्लान किया था, जिसके FY27 तक चालू होने की उम्मीद थी। हाल ही में, मई 2025 में, बोर्ड ने ₹200.8 करोड़ के कुल निवेश के हिस्से के तौर पर Vadodara Switchgear कैपेसिटी में 6,000 पैनल जोड़ने को मंजूरी दी थी, जिसमें कोलकाता में ब्रेकर कैपेसिटी विस्तार भी शामिल था। फरवरी 2025 में, कंपनी ने Vadodara में ट्रांसफार्मर मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी के लिए ₹13.6 करोड़ के विस्तार को भी मंजूरी दी थी।
कंपनी का प्रदर्शन और मार्केट पोजीशन
ये विस्तार इसलिए हो रहे हैं क्योंकि कंपनी के प्लांट्स में कैपेसिटी यूटिलाइजेशन (capacity utilization) दरें अक्सर 90 प्रतिशत के आसपास रहती हैं। SEIL का बिजनेस मुख्य रूप से घरेलू बाजार पर केंद्रित है, जहां एक्सपोर्ट (export) का योगदान फरवरी 2026 तक राजस्व का लगभग 11-12% था। कंपनी ने मजबूत वित्तीय प्रदर्शन दिखाया है, FY25 में नेट प्रॉफिट ₹267.89 करोड़ रहा, जो पिछले साल के ₹172.03 करोड़ से काफी ज्यादा है। Q4 FY25 में नेट प्रॉफिट बढ़कर ₹54.61 करोड़ हो गया। FY25 में ऑर्डर इनफ्लो (order inflows) 13.4% बढ़कर ₹2,693 करोड़ रहे, और 31 मार्च 2025 तक ₹1,253 करोड़ का बैकलॉग (backlog) था।
आगे क्या उम्मीद करें?
शेयरधारकों को Vadodara सुविधा में Switchgear के लिए एक मजबूत प्रोडक्शन बेस की उम्मीद करनी चाहिए। इस बढ़ी हुई कैपेसिटी से भविष्य के विकास और बाजार के अवसरों का समर्थन मिलने की उम्मीद है। यह कैपिटल एलोकेशन (capital allocation) कंपनी के मुख्य मैन्युफैक्चरिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश के प्रति SEIL की प्रतिबद्धता को दिखाता है।
निगरानी के लिए जोखिम
कंपनी 2020-2024 के बीच आयातित सामानों के गलत वर्गीकरण के लिए ₹3.28 करोड़ का कस्टम ड्यूटी डिमांड और पेनल्टी का सामना कर रही है। हालांकि SEIL ने कहा है कि इसका कोई बड़ा प्रभाव नहीं पड़ेगा, यह एक ऐसा बिंदु है जिस पर नजर रखने की जरूरत है।
प्रतिस्पर्धी परिदृश्य
ABB India Ltd और Siemens Ltd पावर और ऑटोमेशन टेक्नोलॉजी स्पेस में प्रमुख प्रतिस्पर्धी हैं। Havells India Ltd और CG Power and Industrial Solutions Ltd सीधे तौर पर इलेक्ट्रिकल गुड्स और Switchgear मार्केट में प्रतिस्पर्धा करते हैं।