Schaeffler India: ज़बरदस्त नतीजे! FY25 में ₹96,858 करोड़ रेवेन्यू, ₹11,962 करोड़ मुनाफा

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AuthorAditya Rao|Published at:
Schaeffler India: ज़बरदस्त नतीजे! FY25 में ₹96,858 करोड़ रेवेन्यू, ₹11,962 करोड़ मुनाफा
Overview

Schaeffler India के निवेशकों के लिए अच्छी खबर है। कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2025 (FY25) में ज़बरदस्त प्रदर्शन किया है, जिसमें कंसोलिडेटेड रेवेन्यू (Consolidated Revenue) **₹96,858 करोड़** रहा, वहीं नेट प्रॉफिट (Net Profit) **₹11,962 करोड़** दर्ज किया गया।

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कंपनी के नतीजों पर एक नज़र

Schaeffler India ने अपनी एकीकृत वार्षिक रिपोर्ट (Integrated Annual Report) जारी की है, जिसमें फाइनेंशियल ईयर 2025 (FY25) के वित्तीय प्रदर्शन का पूरा ब्यौरा दिया गया है। इस रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू (Consolidated Revenue) ₹96,858.5 करोड़ के शानदार स्तर पर पहुंचा, जबकि आफ्टर टैक्स प्रॉफिट (Profit After Tax - PAT) ₹11,962 करोड़ दर्ज किया गया। इस दौरान कंपनी का EBITDA मार्जिन भी 19.6% के मजबूत स्तर पर बना रहा।

कंपनी के ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजीज, व्हीकल लाइफटाइम सॉल्यूशंस और बियरिंग्स एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस जैसे मुख्य सेगमेंट्स में शानदार प्रदर्शन देखा गया। इन नतीजों का श्रेय कंपनी के लोकलाइजेशन (Localization) के प्रयासों और नवाचार (Innovation) के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दिया जा रहा है।

डिविडेंड (Dividend) और भविष्य की रणनीति

निवेशकों के लिए एक और अच्छी खबर यह है कि कंपनी ने 63वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में ₹35 प्रति शेयर के डिविडेंड (Dividend) का प्रस्ताव रखा है। इस पर 30 अप्रैल, 2026 को चर्चा होगी, जबकि डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट 23 अप्रैल, 2026 तय की गई है।

रिपोर्ट ऑटोमोटिव और इंडस्ट्रियल मार्केट्स में हो रहे बदलावों के बीच Schaeffler India की रणनीतिक दिशा को भी उजागर करती है। कंपनी ई-मोबिलिटी (E-mobility), लोकलाइजेशन और सस्टेनेबिलिटी पर खासा ध्यान दे रही है, जिससे उसे नए बाजार अवसरों का लाभ उठाने में मदद मिल रही है।

ई-मोबिलिटी में निवेश और पार्टनरशिप

Schaeffler India भविष्य की मोबिलिटी ट्रेंड्स में सक्रिय रूप से निवेश कर रही है। इसमें ई-एक्सल प्रोडक्शन और इलेक्ट्रिफिकेशन सिस्टम्स जैसे ई-मोबिलिटी सॉल्यूशंस का विस्तार शामिल है। कंपनी पुणे में एक सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट सेंटर पर भी काम कर रही है। एक अहम रणनीति के तहत, कंपनी लोकलाइजेशन को बढ़ाने पर जोर दे रही है और उसने Tata Motors जैसे बड़े ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स (OEMs) के साथ ई-एक्सल्स के लिए अनुबंध हासिल किए हैं। FY24 में, कंपनी ने रेवेन्यू में 13.5% की ईयर-ओवर-ईयर ग्रोथ और नेट प्रॉफिट में 4.4% की बढ़ोतरी दर्ज की थी।

चुनौतियों और कानूनी मामलों पर एक नज़र

हालांकि, कंपनी को कुछ इंडस्ट्री चैलेंजेस का सामना भी करना पड़ रहा है, जैसे कि बदलती मोबिलिटी सिस्टम्स, सप्लाई चेन एडजस्टमेंट्स और रेगुलेटरी बदलाव। इसके अलावा, कंपनी को इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के अलोकेशन न होने के कारण ₹3.60 करोड़ के GST पेनल्टी ऑर्डर का सामना करना पड़ा है। कंपनी का अनुमान है कि इससे कोई खास वित्तीय प्रभाव नहीं पड़ेगा और वह इस ऑर्डर के खिलाफ अपील करेगी।

प्रतिस्पर्धी परिदृश्य और निवेशकों के लिए मुख्य बिंदु

Schaeffler India का मुकाबला Timken India Ltd, SKF India Ltd और Carborundum Universal Ltd जैसी कंपनियों से है। निवेशकों की नजर अब कंपनी की ई-मोबिलिटी रोडमैप, लोकलाइजेशन लक्ष्यों, AGM में डिविडेंड के फैसले और GST पेनल्टी अपील के नतीजों पर रहेगी।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.