वित्तीय वर्ष 2025 में मजबूत नतीजे
कंपनी की ओर से जारी इंटीग्रेटेड एनुअल रिपोर्ट (Integrated Annual Report) के मुताबिक, फाइनेंशियल ईयर 2025 (जो 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हुआ) में Schaeffler India का रेवेन्यू ₹93,953 मिलियन यानी ₹939.53 करोड़ रहा। यह पिछले साल के ₹790.63 करोड़ से काफी ज्यादा है, जो कंपनी के लगातार विकास को दिखाता है।
इसी तरह, कंपनी का नेट प्रॉफिट (Profit After Tax - PAT) बढ़कर ₹11,962 मिलियन यानी ₹119.62 करोड़ हो गया। पिछले फाइनेंशियल ईयर 2024 में यह आंकड़ा ₹99.42 करोड़ था। EBITDA (Earnings Before Interest, Taxes, Depreciation, and Amortization) ₹183.76 करोड़ दर्ज किया गया।
शेयरधारकों को मिलेगा ₹35 डिविडेंड
कंपनी के मजबूत नतीजों के चलते बोर्ड ने ₹35 प्रति शेयर के डिविडेंड (Dividend) का प्रस्ताव दिया है, जो शेयरधारकों के लिए एक अच्छी खबर है। कंपनी ने साल भर में ₹3,836 मिलियन यानी ₹38.36 करोड़ का कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) भी किया है, जो भविष्य के विकास की ओर इशारा करता है।
भविष्य की रणनीति: टेक्नोलॉजी और लोकलाइजेशन पर जोर
Schaeffler India का लक्ष्य खुद को एक प्रमुख मोशन टेक्नोलॉजी (Motion Technology) कंपनी के तौर पर स्थापित करना है। कंपनी अपनी इंजीनियरिंग विशेषज्ञता और प्रोडक्ट पोर्टफोलियो का इस्तेमाल कर रही है।...
लोकलाइजेशन (Localization) की रणनीतियों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि कंपनी की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़े और सप्लाई चेन और मजबूत हो। टेक्नोलॉजी, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, डिजिटाइजेशन और इनोवेशन में निवेश कंपनी को बदलते ऑटोमोटिव और इंडस्ट्रियल परिदृश्य के लिए तैयार कर रहा है।
जोखिम और प्रतिद्वंद्वी
रिपोर्ट में कंपनी ने मार्केट शेयर, टेक्नोलॉजी ट्रांजिशन, प्रोडक्ट पायरेसी और रेगुलेटरी कंप्लायंस जैसे संभावित जोखिमों का भी जिक्र किया है।...
इस सेक्टर में Bosch Ltd, Endurance Technologies Ltd और Tata AutoComp Systems Ltd जैसी कंपनियां भी प्रमुख प्रतिद्वंद्वी (Peers) हैं।
आगे क्या?
निवेशक अब 30 अप्रैल 2026 को होने वाली 63वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) का इंतजार कर रहे हैं, जहाँ कंपनी की भविष्य की योजनाओं और रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा होगी।
