इनसाइडर ट्रेडिंग रोकने के लिए अहम कदम
Scan Steels ने यह कदम अनपब्लिश्ड प्राइस-सेंसिटिव इनफार्मेशन (unpublished price-sensitive information) के संभावित दुरुपयोग को रोकने के लिए उठाया है। इस 'ट्रेडिंग विंडो' के बंद होने से, नामित व्यक्ति और उनके परिवार के सदस्य कंपनी के किसी भी शेयर या सिक्योरिटीज (securities) को खरीद या बेच नहीं पाएंगे। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी निवेशकों को वित्तीय जानकारी एक साथ मिले, जिससे बाजार में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनी रहे।
कंपनी की स्थिति और भविष्य की योजनाएं
Scan Steels भारतीय स्टील इंडस्ट्री का एक जाना-पहचाना नाम है, जो TMT रॉड्स, स्पंज आयरन, बिलेट्स और इनगॉट्स का उत्पादन करती है। कंपनी के पास अपने पावर प्लांट भी हैं। हाल ही में, कंपनी ने फरवरी 2026 में Q3 FY26 के नतीजे घोषित किए थे, जिसमें ₹191.64 करोड़ का रेवेन्यू (revenue) और ₹3.48 करोड़ का नेट प्रॉफिट (net profit) दर्ज किया गया था। इसके अलावा, कंपनी Bindals Sponge Industries Limited के अधिग्रहण की प्रक्रिया में भी है, जो NCLT रेजोल्यूशन प्लान के तहत हो रही है।
पिछला रेगुलेटरी एक्शन
यह ध्यान देने योग्य है कि Scan Steels को अतीत में रेगुलेटरी जांच का सामना भी करना पड़ा है। जनवरी 2020 में, SEBI ने कंपनी पर 2014-2015 के स्टॉक ऑप्शन से संबंधित धोखाधड़ी वाले ट्रेडिंग व्यवहार के लिए ₹18.8 लाख का जुर्माना लगाया था।
सेक्टर में सामान्य प्रथा
भारतीय स्टील सेक्टर में, JSW Steel Ltd, Tata Steel Ltd, Jindal Steel & Power Ltd (JSPL), और Steel Authority of India Ltd (SAIL) जैसी अन्य प्रमुख कंपनियां भी अपने फाइनेंशियल नतीजों की घोषणा से पहले इसी तरह 'ट्रेडिंग विंडो' बंद करने जैसी प्रथाओं का पालन करती हैं।
