यह कंपनी के लिए एक सॉलिड परफॉरमेंस रही है। कंसॉलिडेटेड लेवल पर ₹1,666.04 करोड़ का रेवेन्यू और ₹32.91 करोड़ का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया गया। वहीं, स्टैंडअलोन (Standalone) लेवल पर देखें तो कंपनी का रेवेन्यू ₹1,666.04 करोड़ रहा, जबकि नेट प्रॉफिट ₹33.10 करोड़ दर्ज किया गया।
कंपनी के बोर्ड ने एक अहम गवर्नेंस अपडेट में नए फाइनेंशियल ईयर, यानी FY 2026-27 के लिए M/s. Goyal & Co. को नए कॉस्ट ऑडिटर (Cost Auditor) और M/s. Pipalia Singhal & Associates को इंटरनल ऑडिटर (Internal Auditor) के तौर पर नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है।
Saurashtra Cement, गुजरात के सीमेंट मार्केट में एक जाना-पहचाना नाम है और यह ग्लोबल Cementos India S.A. (Vicat Group) कॉन्ग्लोमेरेट का एक हिस्सा है। कंपनी लगातार अपनी ऑपरेशनल एफिशिएंसी और प्रोडक्शन कैपेसिटी को बेहतर बनाने पर जोर दे रही है।
कंपनी के ऑडिटर ने इस रिपोर्टिंग पीरियड के लिए एक अनमॉडिफाइड रिपोर्ट (Unmodified Report) पेश की है, जिससे यह संकेत मिलता है कि किसी भी तरह की बड़ी मटेरियल मिसस्टेटमेंट्स (material misstatements) का पता नहीं चला है।
अगर बाजार के परिदृश्य को देखें, तो Ultratech Cement और Shree Cement जैसे राष्ट्रीय स्तर के बड़े प्लेयर्स के मुकाबले Saurashtra Cement मुख्य रूप से गुजरात की रीजनल डिमांड पर ध्यान केंद्रित करती है। सीमेंट सेक्टर में वैसे तो फ्यूल और रॉ मैटेरियल्स जैसे इनपुट कॉस्ट में होने वाला उतार-चढ़ाव एक लगातार चुनौती बनी रहती है।
अब निवेशकों की नजरें Saurashtra Cement के मौजूदा फाइनेंशियल ईयर (FY27) में परफॉरमेंस पर रहेंगी। मैनेजमेंट की ओर से आने वाले समय के आउटलुक, कंपनी की एक्सपेंशन प्लान्स और सीमेंट की डिमांड व प्राइसिंग को प्रभावित करने वाले इंडस्ट्री-वाइड ट्रेंड्स पर की गई टिप्पणियां काफी अहम साबित होंगी।
