Sarla Performance Fibers का बड़ा झटका! US सब्सिडियरी बेचने पर ₹71.6 Cr का नेट लॉस, फिर भी ₹2 डिविडेंड का ऐलान

INDUSTRIAL-GOODSSERVICES
Whalesbook Corporate News Logo
AuthorKaran Malhotra|Published at:
Sarla Performance Fibers का बड़ा झटका! US सब्सिडियरी बेचने पर ₹71.6 Cr का नेट लॉस, फिर भी ₹2 डिविडेंड का ऐलान
Overview

Sarla Performance Fibers ने फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) के लिए **₹71.64 करोड़** का कंसोलिडेटेड नेट लॉस दर्ज किया है। इस भारी नुकसान का मुख्य कारण कंपनी की अमेरिकी सब्सिडियरी, Sarla Flex Inc., में अपनी प्रेफरेंस शेयर्स (preference shares) की बिक्री से जुड़ा **₹77.13 करोड़** का स्पेशल चार्ज है।

Instant Stock Alerts on WhatsApp

Used by 10,000+ active investors

1

Add Stocks

Select the stocks you want to track in real time.

2

Get Alerts on WhatsApp

Receive instant updates directly to WhatsApp.

  • Quarterly Results
  • Concall Announcements
  • New Orders & Big Deals
  • Capex Announcements
  • Bulk Deals
  • And much more

कंपनी की कमाई और नुकसान का गणित

31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए Sarla Performance Fibers का कुल कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹410.80 करोड़ रहा। इसी अवधि में कंपनी ने ₹71.64 करोड़ का नेट लॉस दर्ज किया। वहीं, चौथी तिमाही (Q4 FY26) में कंपनी को ₹68.78 करोड़ का नेट लॉस हुआ, जबकि इस दौरान आय ₹101.53 करोड़ रही।

FY26 के नेट लॉस में सबसे बड़ा योगदान Sarla Flex Inc. के प्रेफरेंस शेयर्स की बिक्री से जुड़े ₹77.13 करोड़ के एक्सेप्शनल चार्ज (exceptional charge) का रहा। यह अमेरिकी सब्सिडियरी 2017 से निष्क्रिय थी। हालांकि, फरवरी 2026 में इस बिक्री को मंजूरी मिली, जबकि Sarla Performance Fibers के पास अभी भी 100% इक्विटी कंट्रोल है।

पूरे साल के लिए कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में 9.17% की गिरावट आई और यह ₹410.80 करोड़ पर आ गया। वहीं, स्टैंडअलोन रेवेन्यू में मामूली 0.70% की ग्रोथ देखी गई।

शेयरधारकों को डिविडेंड का तोहफा?

इन नतीजों के बावजूद, कंपनी के बोर्ड ने फाइनेंशियल ईयर के लिए प्रति इक्विटी शेयर ₹2 के फाइनल डिविडेंड (final dividend) की सिफारिश की है।

ऑडिटर की चिंताएं और कंपनी की पृष्ठभूमि

एक अहम बात यह है कि ऑडिटर (auditors) ने सब्सिडियरी की शेयर बिक्री को लेकर अपनी रिपोर्ट में कुछ चिंताएं जताई हैं। ऑडिटर ने कहा है कि इस डील के लिए जरूरी रेगुलेटरी अप्रूवल (regulatory approvals) अभी पेंडिंग हैं, जिससे डील की अंतिम मंजूरी को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

Sarla Performance Fibers पॉलिएस्टर और नायलॉन यार्न (yarns) के निर्माण और एक्सपोर्ट में माहिर है। कंपनी को पहले भी चुनौतियों का सामना करना पड़ा है, जिसमें नवंबर 2023 में परफॉरमेंस और मार्जिन से जुड़ी दिक्कतों के कारण Acuité Ratings द्वारा रेटिंग डाउनग्रेड करना और कॉर्पोरेट गवर्नेंस (corporate governance) की फाइलिंग में देरी पर पेनल्टी लगना शामिल है।

शेयरधारकों को FY26 में सब्सिडियरी के प्रेफरेंस शेयर्स की बिक्री से जुड़े बड़े एक्सेप्शनल चार्ज के कारण एक महत्वपूर्ण कंसोलिडेटेड लॉस का सामना करना पड़ा है। ऑडिटर की क्वालिफाइड ओपिनियन (qualified opinion) और Sarla Flex Inc. के ट्रांजैक्शन के लिए पेंडिंग अप्रूवल कंपनी के लिए जोखिम बने हुए हैं, जिन पर मार्केट की नजर रहेगी।

आगे का रास्ता और इंडस्ट्री

निवेशक मैनेजमेंट से ऑपरेशनल मुद्दों को हल करने, सब्सिडियरी बिक्री के असर, रेवेन्यू ग्रोथ के संकेत और भविष्य के डिविडेंड की संभावनाओं पर भी नजर रखेंगे। कंपनी सिंथेटिक यार्न और टेक्सटाइल मार्केट में काम करती है, जिसके अन्य प्रमुख प्लेयर्स में Raymond Ltd, Vardhman Textiles Ltd, और Trident Ltd शामिल हैं।

31 मार्च, 2026 तक, कंपनी का इक्विटी शेयर कैपिटल ₹8.35 करोड़ था, और लॉन्ग-टर्म बोर्रोविंग्स (long-term borrowings) ₹40.33 करोड़ पर थीं। FY25 में एक्सपोर्ट्स ने रेवेन्यू का लगभग 55% हिस्सा बनाया था।

Get stock alerts instantly on WhatsApp

Quarterly results, bulk deals, concall updates and major announcements delivered in real time.

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.