Sarda Energy & Minerals Ltd. ने 3 अप्रैल, 2026 को हुई अपनी बोर्ड मीटिंग में दो अहम रणनीतिक फैसले लिए हैं। कंपनी रियल एस्टेट डेवलपमेंट के क्षेत्र में उतरने जा रही है और साथ ही 66 MW का एक हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट भी खरीदने वाली है।
रियल एस्टेट में डाइवर्सिफिकेशन के लिए, Sarda Energy छत्तीसगढ़ इन्वेस्टमेंट लिमिटेड के साथ एक नया जॉइंट वेंचर (JV) बनाएगी। कंपनी इस JV में ₹25 करोड़ का निवेश कर 50% हिस्सेदारी खरीदेगी। यह कदम कंपनी के पारंपरिक माइनिंग, स्टील और पावर जनरेशन बिजनेस से बाहर निकलकर एक नए सेक्टर में विस्तार का संकेत है।
इसके साथ ही, कंपनी की सब्सिडियरी Sarda Energy Limited आदिशंकर खुईतम पावर प्राइवेट लिमिटेड (AKPPL) में मेजॉरिटी स्टेक का अधिग्रहण करेगी। ₹25 करोड़ की एंटरप्राइज वैल्यू पर होने वाले इस सौदे से कंपनी के ग्रीन एनर्जी पोर्टफोलियो में 66 MW का हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट जुड़ जाएगा, जो अरुणाचल प्रदेश में स्थित है।
कंपनी ने पार्थ सारथी दत्ता गुप्ता को एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर - पावर एंड कॉर्पोरेट अफेयर्स के पद पर भी नियुक्त किया है, जो 3 अप्रैल, 2026 से प्रभावी होगा।
इन विस्तार योजनाओं के पीछे कंपनी का लक्ष्य नए रेवेन्यू स्ट्रीम्स खोलना और एसेट यूटिलाइजेशन को बेहतर बनाना है। हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट के अधिग्रहण से Sarda Energy की रिन्यूएबल एनर्जी कैपेसिटी बढ़ेगी, जो राष्ट्रीय क्लीन एनर्जी लक्ष्यों के अनुरूप है और लॉन्ग-टर्म, स्टेबल इनकम का जरिया बन सकती है।
Sarda Energy का फोकस हाल के वर्षों में एनर्जी सेगमेंट, विशेष रूप से ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स पर रहा है। कंपनी ने हाल ही में SKS Power Generation (एक 1200 MW थर्मल पावर एसेट) के अधिग्रहण पर सुप्रीम कोर्ट से भी मंजूरी प्राप्त की है।
हालांकि, AKPPL के हाइड्रो प्रोजेक्ट का अधिग्रहण कुछ पूर्व-निर्धारित शर्तों को पूरा करने और डेफिनिटिव एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर करने पर निर्भर करेगा। साथ ही, ₹25 करोड़ की एंटरप्राइज वैल्यू में कुछ एडजस्टमेंट की संभावना बनी हुई है।
पावर जनरेशन के क्षेत्र में Sarda Energy का विस्तार JSW Energy और Tata Power जैसे दिग्गजों की रणनीति जैसा ही है, जो दोनों ही रिन्यूएबल और थर्मल कैपेसिटी में भारी निवेश कर रहे हैं। लेकिन, रियल एस्टेट में एक साथ डाइवर्सिफिकेशन Sarda Energy की एक अनूठी रणनीति है।
निवेशकों की नजरें अब AKPPL डील के अंतिम रूप लेने, रियल एस्टेट वेंचर के शुरू होने की प्रगति, नए एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर की भूमिका और नए हाइड्रो एसेट के इंटीग्रेशन पर टिकी रहेंगी।