Sanathan Textiles Limited ने हाल ही में घोषणा की है कि उनकी पूरी तरह से मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी, Sanathan Polycot Private Limited (SPPL), Serentica Renewables India 33 Private Limited में ₹48 करोड़ का निवेश कर 26% हिस्सेदारी खरीदेगी। इस डील के तहत SPPL को अपने मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स के लिए 32 MW की रिन्यूएबल पावर कैपेसिटी (क्षमता) मिल जाएगी।
इस स्ट्रैटेजिक इन्वेस्टमेंट (रणनीतिक निवेश) का मुख्य मकसद SPPL के मैन्युफैक्चरिंग ऑपरेशंस के लिए लंबे समय तक, लागत-प्रभावी तरीके से रिन्यूएबल पावर की सप्लाई सुनिश्चित करना है। यह कदम कंपनी के सस्टेनेबिलिटी (स्थिरता) के लक्ष्यों के साथ मेल खाता है और एनर्जी कॉस्ट को ऑप्टिमाइज़ (अनुकूलित) करने की क्षमता रखता है।
यह एक्विजिशन (अधिग्रहण) Sanathan Textiles के सस्टेनेबिलिटी लक्ष्यों को सीधे तौर पर मजबूत करता है, खासकर ऑपरेशनल एमिशन इंटेंसिटी (उत्सर्जन तीव्रता) को कम करने के लक्ष्य को। टेक्सटाइल जैसे एनर्जी-इंटेंसिव (ऊर्जा-सघन) उद्योगों के लिए, किफायती रिन्यूएबल एनर्जी सुरक्षित करना खर्चों को मैनेज करने और एनवायर्नमेंटल, सोशल, और गवर्नेंस (ESG) टारगेट्स को पूरा करने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
Sanathan Textiles का रिन्यूएबल एनर्जी अपनाने का इतिहास रहा है। कंपनी ने 2019 से अपने सिल्वासा प्लांट में रूफटॉप सोलर प्रोजेक्ट्स लगाए हैं और 2.3 MW का सोलर पावर प्लांट भी चलाती है। यह नया एक्विजिशन भारतीय टेक्सटाइल सेक्टर में एक बड़े चलन का हिस्सा है, जहां Welspun Living और Arvind Ltd. जैसी कंपनियां लागत में कटौती और एनवायर्नमेंटल परफॉरमेंस को बेहतर बनाने के लिए तेजी से रिन्यूएबल एनर्जी अपना रही हैं।
हालांकि, इस डील को पूरा करने के लिए कुछ रेग्युलेटरी अप्रूवल (नियामक मंजूरी) और कस्टमरी कंडीशंस (अन्य शर्तों) को पूरा करना होगा, जिनमें देरी हो सकती है। कंपनी का पंजाब स्थित नए प्लांट को स्केल-अप (विस्तार) करने में भी चुनौतियां देखी गई हैं, जो बड़े प्रोजेक्ट्स के एग्जीक्यूशन रिस्क (कार्यान्वयन जोखिम) की ओर इशारा करती हैं।
अब निवेशकों की नजरें इस बात पर रहेंगी कि यह एक्विजिशन कब तक पूरा होता है और यह नया पावर सोर्स SPPL के मैन्युफैक्चरिंग ऑपरेशंस में कैसे इंटीग्रेट (एकीकृत) होता है। साथ ही, यह देखना भी अहम होगा कि यह कंपनी के एमिशन रिडक्शन टारगेट्स में कितना योगदान देता है।
