रेवेन्यू में जोरदार उछाल, पर प्रॉफिट पर लगा ब्रेक
Sanathan Textiles ने मार्च 2026 को खत्म हुई चौथी तिमाही (Q4 FY26) में शानदार परफॉरमेंस दिखाते हुए अपने कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में 59.7% का भारी उछाल दर्ज किया है। यह बढ़कर ₹1,169.1 करोड़ पर पहुंच गया। पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) के लिए, कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 27.1% की बढ़ोतरी के साथ ₹3,811.2 करोड़ रहा।
मुनाफा क्यों घटा?
इस शानदार रेवेन्यू ग्रोथ के बावजूद, कंपनी का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) Q4 FY26 में 50.6% गिरकर ₹21.6 करोड़ पर आ गया। पूरे फाइनेंशियल ईयर के लिए PAT 51.8% की भारी गिरावट के साथ ₹77.3 करोड़ रहा। कंपनी का कहना है कि कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और कुछ वैश्विक कारणों से प्रॉफिट पर दबाव बना है। हालांकि, EBITDA में 38.0% की बढ़ोतरी देखी गई, जो Q4 में ₹94.4 करोड़ रहा।
ग्रोथ की वजह और भविष्य की योजनाएं
रेवेन्यू में इस जोरदार बढ़त का मुख्य कारण पंजाब में कंपनी की नई इंटीग्रेटेड पॉलिएस्टर मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी का सफलतापूर्वक चालू होना है। यह क्षमता विस्तार, टेक्निकल टेक्सटाइल्स (Technical Textiles) और रिन्यूएबल एनर्जी (Renewable Energy) में कंपनी के निवेश के साथ मिलकर भविष्य के लिए कंपनी को मजबूत स्थिति में लाता है।
Sanathan Textiles टेक्निकल टेक्सटाइल्स जैसे जिओटेक्सटाइल्स (Geotextiles) और टायर कॉर्ड फैब्रिक्स (Tyre Cord Fabrics) का उत्पादन करती है। भविष्य में कंपनी अपनी सिल्वसा (Silvassa) यूनिट में टेक्निकल टेक्सटाइल की क्षमता को दोगुना करने और रिन्यूएबल एनर्जी स्रोतों को अपनाने की योजना बना रही है, जिससे लागत कम होगी और ESG मानकों को पूरा करने में मदद मिलेगी।
जोखिम और चुनौतियां
कंपनी के सामने कच्चे माल, जैसे PTA, MEG और कॉटन यार्न की कीमतों में अस्थिरता बड़ा जोखिम है। भू-राजनीतिक घटनाएं, सप्लाई चेन में बाधाएं और वैश्विक व्यापार नीतियों में बदलाव भी कंपनी के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं।