रिकॉर्ड बिक्री और पूरे साल का प्रदर्शन
Sambhv Steel Tubes ने Q4 FY26 में 1,07,785 टन की बिक्री का आंकड़ा छुआ है। यह पिछले साल की Q4 FY25 की 91,624 टन की बिक्री से काफी ज्यादा है।
पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) की बात करें तो कंपनी का कुल सेल्स वॉल्यूम बढ़कर 3,96,731 टन हो गया है, जो FY25 के 2,90,581 टन के मुकाबले 36% की ज़बरदस्त बढ़ोतरी दिखाता है।
हाई-वैल्यू प्रोडक्ट्स का जलवा
इस रिकॉर्ड प्रदर्शन में स्ट्रक्चरल पाइप्स और ट्यूब्स ( 58,755 टन ), प्री-गैल्वेनाइज्ड (GP) कॉइल्स और पाइप्स ( 22,857 टन ), और स्टेनलेस स्टील कॉइल्स ( 14,185 टन ) जैसे हाई-वैल्यू प्रोडक्ट्स का बड़ा योगदान रहा है। कंपनी के पास ERW पाइप्स और ट्यूब्स के लिए 350,000 MTPA की स्थापित क्षमता है।
स्ट्रेटेजी और क्षमता विस्तार
यह रिकॉर्ड बिक्री Sambhv Steel Tubes की हाई-वैल्यू प्रोडक्ट पोर्टफोलियो को बढ़ाने की स्ट्रेटेजी की सफलता को दर्शाता है। कंपनी GP कॉइल्स, प्री-गैल्वेनाइज्ड पाइप्स और स्टेनलेस स्टील कॉइल्स जैसे मार्जिन वाले प्रोडक्ट्स पर ज्यादा ध्यान दे रही है। अपनी क्षमता को बढ़ाने के क्रम में, कंपनी ने FY22 में 390,000 MTPA से मार्च 2025 तक 17 लाख MTPA तक क्षमता बढ़ाई है। इसके अलावा, कंपनी ने 2 अप्रैल, 2026 को स्पेशियलिटी मेटल्स फर्म Vajra Alloys Private Limited में 15% हिस्सेदारी खरीदने का एक स्ट्रेटेजिक इन्वेस्टमेंट भी किया है।
इंडस्ट्री में बाकी कंपनियों का प्रदर्शन
Sambhv Steel का यह रिकॉर्ड प्रदर्शन ऐसे समय में आया है जब इंडस्ट्री के दूसरे बड़े प्लेयर्स से भी मजबूत खबरें आ रही हैं। दुनिया की सबसे बड़ी स्ट्रक्चरल स्टील ट्यूब कंपनी APL Apollo Tubes ने Q4 FY26 में 9,24,881 टन की बिक्री दर्ज की, जो पिछले साल से 9% ज्यादा है। वहीं, JTL Industries ने भी Q4 FY26 में 1,23,262 टन का अपना अब तक का सबसे बड़ा तिमाही सेल्स वॉल्यूम हासिल किया, जो 50.5% की सालाना बढ़ोतरी है। Tata Steel के ट्यूब्स और वायर्स बिजनेस ने भी क्षमता विस्तार के दम पर बेहतरीन तिमाही प्रदर्शन किया है।
चुनौतियां और आगे की राह
हालांकि, कंपनी को ग्लोबल सप्लाई चेन और डिमांड पर असर डालने वाली मौजूदा भू-राजनीतिक घटनाओं से मिली चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा, कंपनी एक एफआईआर (FIR) के कारण लिटिगेशन (litigation) और संभावित गवर्नेंस जोखिम (governance risk) का भी सामना कर रही है। कंपनी की एक सब्सिडियरी ने ₹11.51 करोड़ के एक जमीन सौदे में धोखाधड़ी का आरोप लगाया है, जिसमें ₹2.51 करोड़ की वसूली अभी बाकी है।
आगे चलकर, कंपनी अपने रिकॉर्ड वॉल्यूम के आधार पर ग्रोथ जारी रखने की उम्मीद कर सकती है। वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स पर कंपनी का जोर प्रॉफिटेबिलिटी और मार्जिन को बढ़ाने वाला है। Vajra Alloys में इन्वेस्टमेंट जैसे डाइवर्सिफिकेशन एफर्ट्स भविष्य की एक फॉरवर्ड- लुकिंग स्ट्रेटेजी का संकेत देते हैं, जो प्रतिस्पर्धी मार्केट में बढ़ती मार्केट एक्सेप्टेंस और ऑपरेशनल क्षमता को दर्शाता है।
