SEBI का सख्त नियम लागू
SEBI (Prohibition of Insider Trading) Regulations, 2015 के तहत, Sambandam Spinning Mills ने यह फैसला लिया है। यह विंडो कंपनी के 31 मार्च, 2026 को समाप्त हो रहे फाइनेंशियल ईयर के ऑडिटेड नतीजों की घोषणा के 48 घंटे बाद तक जारी रहेगी।
कौन कर सकता है ट्रेड?
इस अवधि के दौरान, कंपनी के बोर्ड मेंबर्स, डेजिग्नेटेड एम्प्लॉइज और उनके करीबी परिवार के सदस्य कंपनी के शेयर ट्रेड नहीं कर पाएंगे। यह एक स्टैंडर्ड प्रोसीजर है ताकि किसी भी तरह की गैर-सार्वजनिक वित्तीय जानकारी का गलत इस्तेमाल न हो और बाजार में निष्पक्षता बनी रहे।
कंपनी की स्थिति और हालिया नतीजे
Sambandam Spinning Mills Limited, जिसकी स्थापना 1973 में हुई थी, भारतीय टेक्सटाइल सेक्टर में एक प्रमुख खिलाड़ी है। कंपनी कॉटन और ब्लेंडेड यार्न (yarn) के निर्माण और बिक्री में लगी हुई है। हालांकि, कंपनी की वित्तीय स्थिति कुछ चुनौतियों का सामना कर रही है। Q3 FY26 में, कंपनी का रेवेन्यू ₹65.26 करोड़ दर्ज किया गया, जो पिछले साल की इसी तिमाही से 7.3% ज्यादा था। EBITDA ₹2.10 करोड़ के पॉजिटिव स्तर पर पहुंच गया, वहीं नेट लॉस ₹2.16 करोड़ रहा, जो Q3 FY25 के ₹4.11 करोड़ के मुकाबले 47.4% कम है। इसके बावजूद, कंपनी का रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) लगातार तीन फाइनेंशियल इयर्स से नेगेटिव है, और इसकी बैलेंस शीट कमजोर बनी हुई है। कंपनी को अतीत में देर से फाइलिंग के लिए SEBI से पेनल्टी भी मिल चुकी है।
इंडस्ट्री स्टैंडर्ड और आगे क्या?
यह ट्रेडिंग विंडो क्लोजर इंडस्ट्री स्टैंडर्ड का हिस्सा है। Trident Ltd., Vardhman Textile, और Welspun India Ltd. जैसी कंपनियां भी नतीजे घोषित करने से पहले इसी तरह के कदम उठाती हैं। निवेशक अब बोर्ड मीटिंग की तारीख का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, जहां FY26 के ऑडिटेड नतीजे तय होंगे, जो कंपनी की आगे की राह तय करेंगे।
