सागर सीमेंट ने गुडिपाडू प्लांट की एफिशिएंसी बढ़ाने के लिए उठाया बड़ा कदम
Sagar Cements Limited ने आंध्र प्रदेश स्थित अपने गुडिपाडू प्लांट में 2.80 MW क्षमता का वेस्ट हीट रिकवरी पावर सिस्टम (WHRS) सफलतापूर्वक चालू कर दिया है। यह सिस्टम सीमेंट उत्पादन के दौरान निकलने वाली बेकार गर्मी (Waste Heat) को बिजली में बदलने का काम करता है।
इस नई तकनीक से कंपनी बाहरी बिजली स्रोतों पर अपनी निर्भरता कम कर सकेगी, जिससे न केवल प्लांट की ऑपरेशनल एफिशिएंसी (Operational Efficiency) में सुधार होगा, बल्कि बिजली की लागत (Power Costs) भी काफी हद तक घटेगी। सीमेंट मैन्युफैक्चरिंग में पावर कॉस्ट एक बड़ा खर्च होता है।
कंपनी की योजना बाकी बची 1.55 MW क्षमता को जून 2026 तक चालू करने की है। इसके बाद गुडिपाडू प्लांट में कुल WHRS क्षमता 4.35 MW हो जाएगी।
यह कदम सागर सीमेंट की लागतों (Costs) को नियंत्रित करने और अपने सभी प्लांट्स में ऑपरेशनल एफिशिएंसी (Operational Efficiency) को बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा है। अपनी खुद की पावर जनरेशन क्षमता विकसित करके, कंपनी एक भरोसेमंद और किफायती एनर्जी सप्लाई सुनिश्चित करना चाहती है।
वेस्ट हीट रिकवरी सिस्टम जैसी ऊर्जा-बचत तकनीकों को अपनाना सीमेंट सेक्टर में एक आम चलन बनता जा रहा है। बढ़ती पावर कॉस्ट और सस्टेनेबिलिटी गोल्स (Sustainability Goals) को पूरा करने का दबाव इस चलन को बढ़ावा दे रहा है। Shree Cement और Dalmia Bharat जैसी कंपनियां भी इसी तरह के निवेश कर रही हैं।
हालांकि, इस नई व्यवस्था के साथ कुछ अप्रत्याशित ऑपरेशनल दिक्कतें या बाकी बची क्षमता के चालू होने में जून 2026 की समय-सीमा के बाद देरी जैसी चुनौतियां सामने आ सकती हैं।
क्षमता का विवरण:
- वर्तमान में चालू WHRS क्षमता: 2.80 MW (Q1 FY25 तक)
- शेष WHRS क्षमता चालू होनी है: 1.55 MW (जून 2026 तक)
- गुडिपाडू प्लांट में कुल नियोजित WHRS क्षमता: 4.35 MW