सागर सीमेंट के प्रमोटर का बड़ा कदम: ₹200 करोड़ के कर्ज के लिए गिरवी रखी हिस्सेदारी, कंट्रोल पर लगी लगाम!
Sagar Cements Limited के प्रमोटर, श्रीकांत रेड्डी सम्मिडी, ने कंपनी की कुल शेयर कैपिटल का 1.45%, यानी 19 लाख शेयर, ₹200 करोड़ के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) के लिए गिरवी रखे हैं। ये NCDs RV Consulting Services Private Limited द्वारा जारी किए गए हैं और इनका मुख्य उद्देश्य कैपिटल एक्सपेंडिचर (capex) को फंड करना है।
SEBI नियमों का असर
24 मार्च, 2026 को SEBI (शेयरों के बड़े अधिग्रहण और टेकओवर) रेगुलेशन, 2011 के तहत इस जानकारी का खुलासा किया गया है। इस खुलासे के मुताबिक, अब कंपनी के 'कंट्रोल' में किसी भी तरह का बदलाव डिबेंचर ट्रस्टी की पूर्व मंजूरी के बिना संभव नहीं होगा। यानी, भविष्य में कोई भी बड़ा कॉर्पोरेट फैसला, जैसे मर्जर, अधिग्रहण या मैनेजमेंट में बदलाव, तभी हो सकेगा जब ट्रस्टी हामी भर दे।
क्यों उठाया ये कदम?
Sagar Cements अपनी विस्तार योजनाओं को आगे बढ़ा रही है, जिसके लिए बड़ा कैपिटल एक्सपेंडिचर (capex) ज़रूरी है। फाइनेंशियल ईयर 26 के लिए कंपनी ने करीब ₹450 करोड़ का capex प्लान किया था, और आगे भी ऐसे ही खर्चों की उम्मीद है। प्रमोटरों का NCDs के ज़रिए फंड जुटाने के लिए अपने शेयर गिरवी रखना कोई नई बात नहीं है। इससे पहले भी दिसंबर 2025 में RV Consulting Services Private Limited के ₹50 करोड़ के NCDs के लिए प्रमोटर शेयर गिरवी रखे गए थे, जिन्होंने कंट्रोल पर ऐसी ही पाबंदियां लगाई थीं।
क्या हो सकता है आगे?
मार्केट की नज़र अब ₹200 करोड़ के इन NCDs की समय पर रीपेमेंट पर रहेगी। अगर RV Consulting Services Private Limited कर्ज़ चुकाने में फेल होती है, तो गिरवी रखे गए शेयरों पर ट्रस्टी का अधिकार हो सकता है, जिससे प्रमोटर की हिस्सेदारी में बदलाव आ सकता है। साथ ही, यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कंट्रोल में बदलाव पर लगी ये पाबंदियां कंपनी की भविष्य की रणनीतियों पर कितना असर डालती हैं।