भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के कड़े निर्देशों का पालन करते हुए, SVA India Limited ने उन शेयरधारकों के लिए एक विशेष अवसर की घोषणा की है जिनके पास अभी भी फिजिकल शेयर सर्टिफिकेट मौजूद हैं। कंपनी ने एक स्पेशल विंडो खोली है, जिसके ज़रिए ये शेयरधारक अपने शेयरों को डिमटेरियलाइज्ड (Demat) रूप में बदलवा सकते हैं।
यह कदम SEBI के 30 जनवरी, 2026 को जारी किए गए सर्कुलर के अनुपालन में उठाया गया है। SVA India Limited ने 20 मार्च, 2026 को बीएसई (BSE) को इसकी जानकारी दी है। कंपनी शेयरधारकों को अपने फिजिकल शेयरों के लिए ट्रांसफर रिक्वेस्ट (transfer request) को फिर से जमा करने की सुविधा दे रही है।
SEBI लगातार सभी लिस्टेड कंपनियों को शेयरों के पूर्ण डिमटेरियलाइजेशन की ओर बढ़ने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य नकली सर्टिफिकेट के जोखिम को कम करना, शेयरों के व्यापार को सुगम बनाना और निवेशकों के लिए पारदर्शिता व सहूलियत बढ़ाना है। सेबी इस प्रक्रिया को लेकर काफी गंभीर है और कई कंपनियों को ऐसे विशेष विंडो खोलने के निर्देश दे चुका है।
SVA India Limited के वे सभी शेयरधारक जिनके पास फिजिकल शेयर सर्टिफिकेट हैं, वे अब इस स्पेशल विंडो का उपयोग कर सकते हैं। उन्हें कंपनी द्वारा घोषित इस सुविधा के तहत ट्रांसफर रिक्वेस्ट जमा करनी होगी। ऐसा करने से उनके शेयर होल्डिंग रिकॉर्ड्स सुव्यवस्थित होंगे और भविष्य में लेनदेन आसान हो जाएगा।
हालांकि कंपनी ने इस पहल से जुड़े किसी विशेष जोखिम का उल्लेख नहीं किया है, लेकिन जिन शेयरधारकों ने इस विंडो का लाभ नहीं उठाया, उन्हें भविष्य में अपने शेयरों के लेनदेन में मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। सेबी आगे चलकर गैर-अनुपालन के लिए और सख्त नियम लागू कर सकता है।
यह चलन भारतीय शेयर बाजार में बढ़ रहा है। कई बड़ी कंपनियां, खासकर मैन्युफैक्चरिंग और कंज्यूमर गुड्स सेक्टर की, SEBI के निर्देशों के बाद फिजिकल शेयरों को डिमटेरियलाइज्ड कराने के लिए ऐसे स्पेशल विंडो खोल रही हैं। उदाहरण के तौर पर, VST Industries और VST Tillers Tractors जैसी कंपनियों ने भी हाल ही में ऐसी ही पहल की है।
SVA India Limited के फिजिकल शेयर रखने वाले निवेशकों को कंपनी द्वारा स्पेशल विंडो की समय-सीमा और प्रक्रिया के बारे में जारी की जाने वाली किसी भी नई जानकारी पर नज़र रखनी चाहिए।
