नए CFO और ऑडिटर की नियुक्ति
SRM Energy के बोर्ड ने मिस्टर उमेश नर्पतचंद संघवी को 26 मार्च 2026 से प्रभावी चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) के पद पर नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है। खास बात यह है कि संघवी पहले से ही कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) और प्रमोटर के तौर पर कार्यरत हैं।
इसके साथ ही, मिस्टर उमेश संघवी और मिसेज सपना संघवी के नए प्रमोटर बनने के बाद, कंपनी ने M/s HSPN & Associates LLP को फाइनेंशियल ईयर 2025-2026 से फाइनेंशियल ईयर 2029-2030 तक, यानी पूरे 5 सालों के लिए सीक्रेटेरियल ऑडिटर के रूप में चुना है।
नई नियुक्ति का महत्व
ये नियुक्तियां कंपनी में चल रहे बड़े बदलावों का हिस्सा हैं। हाल ही में प्रमोटर बदले हैं और बोर्ड में भी फेरबदल हुआ है। नए मैनेजमेंट के तहत, CFO का MD और प्रमोटर होना निर्णय लेने की प्रक्रिया को केंद्रीकृत करता है और जवाबदेही तय करता है। वहीं, 5 साल के लिए ऑडिटर की नियुक्ति कंपनी के कॉर्पोरेट गवर्नेंस और रेगुलेटरी अनुपालन पर दीर्घकालिक फोकस को दर्शाती है।
कंपनी की वित्तीय चुनौतियां
SRM Energy पिछले कुछ समय से गंभीर वित्तीय संकट से जूझ रही है। कंपनी ने पिछले तीन फाइनेंशियल सालों (FY23-FY25) में शून्य राजस्व दर्ज किया है। 31 मार्च 2025 तक, कंपनी का नेट वर्थ ₹5.62 करोड़ नेगेटिव था। पिछले ऑडिटर ने कंपनी की निरंतर संचालन क्षमता पर सवाल उठाते हुए एक क्वालिफाइड ओपिनियन (Qualified Opinion) जारी किया था, जो कंपनी की वित्तीय सेहत के लिए एक बड़ी चिंता का विषय है।
कंपनी का पिछला इतिहास
कंपनी के अतीत में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) द्वारा शेयर फ्रीज किए जाने और सहायक कंपनी के इंसॉल्वेंसी (दिवालियापन) की कार्यवाही जैसी समस्याएं भी सामने आई हैं, जो कंपनी की पुरानी ऑपरेशनल और वित्तीय कमजोरियों को उजागर करती हैं।
आगे क्या उम्मीदें?
निवेशक अब यह देखेंगे कि नए प्रमोटर उमेश संघवी कंपनी को इस मुश्किल दौर से निकालने के लिए क्या रणनीतिक योजनाएं लाते हैं। सीक्रेटेरियल ऑडिटर की भविष्य की रिपोर्टें कंपनी के अनुपालन स्तर का आकलन करने में महत्वपूर्ण होंगी। कंपनी के राजस्व और नेट वर्थ में किसी भी सुधार पर बारीकी से नजर रखी जाएगी।
