SEBI के 'Large Corporate' क्लासिफिकेशन को लेकर SPR Auto Technologies ने एक अहम जानकारी दी है। कंपनी ने कन्फर्म किया है कि वे इस कैटेगरी में नहीं आते, जिससे उन्हें रेगुलेटरी और फंड रेज़िंग के कड़े नियमों से राहत मिली है।
SPR Auto Technologies (पहले Shriram Pistons & Rings) के मुताबिक, 31 मार्च 2026 तक कंपनी का टोटल बरोइंग ₹166.17 करोड़ था। यह रकम SEBI द्वारा 'Large Corporate' की पहचान के लिए तय की गई ₹1,000 करोड़ की लिमिट से काफी कम है। इस क्लासिफिकेशन से बाहर होने का मतलब है कि कंपनी को SEBI के उन स्ट्रिक्ट डिस्क्लोजर रिक्वायरमेंट्स और मैंडेटरी फंड रेज़िंग नॉर्म्स का पालन नहीं करना पड़ेगा, जो 'Large Corporate' कंपनियों पर लागू होते हैं। कंपनी के पास India Ratings and Research की ओर से IND AA+ की क्रेडिट रेटिंग भी है।
कंपनी ने यह भी बताया कि SEBI के नए सर्कुलर के प्रावधानों के अनुसार, फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में एक्विजिशन (अधिग्रहण) के लिए जारी किए गए ₹1,000 करोड़ के नॉन-कनवर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) को टोटल बरोइंग में शामिल नहीं किया गया है।
बता दें कि SPR Auto Technologies ने हाल ही में ऑटोमोटिव इंटीरियर्स सेगमेंट में बड़ा कदम उठाते हुए Grupo Antolin की भारतीय एंटिटीज़ को ₹1,670 करोड़ में एक्वायर किया था। इस डील का एक हिस्सा इसी NCD इश्यू से फाइनेंस किया गया था। यह स्ट्रेटेजिक एक्विजिशन कंपनी के लिए नए सेगमेंट्स में डाइवर्सिफिकेशन का प्रतीक है, जो इसे इंजन-डिपेंडेंट पार्ट्स से आगे ले जाकर भविष्य के इंडस्ट्री ट्रेंड्स के साथ अलाइन करता है। कंपनी का नाम बदलकर SPR Auto Technologies (जो 2 अप्रैल 2026 से प्रभावी है) भी इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और एडवांस्ड ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजीज में इसके विस्तार को दर्शाता है।
'Large Corporate' डेज़िग्नेशन से बाहर रहकर, SPR Auto Technologies अपनी डेट फाइनेंसिंग स्ट्रैटेजीज़ और बरोइंग एक्टिविटीज़ से जुड़े रेगुलेटरी कंप्लायंस को लेकर ज्यादा फ्लेक्सिबिलिटी बनाए रख सकती है।
