SPML Infra Limited ने शेयरधारकों को खुशखबरी सुनाते हुए ₹4,324 करोड़ के नए प्रोजेक्ट्स हासिल किए हैं। इसके साथ ही, कंपनी अब बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) के मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में भी उतरने की तैयारी कर रही है, जो इसके भविष्य के लिए एक बड़ा कदम साबित हो सकता है।
BESS मैन्युफैक्चरिंग में बड़ा निवेश
इस BESS मैन्युफैक्चरिंग प्लान के तहत, SPML Infra ने 99,000 वर्ग मीटर जमीन का अधिग्रहण कर लिया है। कंपनी ₹175 करोड़ का निवेश करके एक नई फैसिलिटी स्थापित करेगी। इस प्लांट का लक्ष्य वित्तीय वर्ष 2027 की पहली तिमाही तक 2.5 GWh क्षमता हासिल करना है, जिसे FY28 तक बढ़ाकर 5 GWh तक ले जाया जाएगा। इस मैन्युफैक्चरिंग यूनिट से कंपनी को सालाना ₹4,000-5,000 करोड़ तक के रेवेन्यू की उम्मीद है।
शानदार वित्तीय नतीजे
कंपनी के हालिया वित्तीय नतीजों की बात करें तो, SPML Infra ने FY25 के लिए ₹49.3 करोड़ का स्टैंडअलोन प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया है। इस दौरान कंपनी के मार्जिन 6.3% रहे। वहीं, FY26 की तीसरी तिमाही में कंपनी का स्टैंडअलोन PAT ₹20.5 करोड़ रहा, जिसमें मार्जिन सुधरकर 8.9% हो गए। कंपनी का नेट वर्थ FY25 में बढ़कर ₹819 करोड़ हो गया, जो FY24 में ₹509 करोड़ था।
NTPC प्रोजेक्ट में L1 पोजिशन
नए ऑर्डर्स के अलावा, SPML Infra, NTPC के ₹1,128 करोड़ के बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) इम्प्लीमेंटेशन प्रोजेक्ट के लिए लोएस्ट बिडर (L1) भी रही है। BESS मैन्युफैक्चरिंग में उतरने का यह फैसला भारत के बढ़ते रिन्यूएबल एनर्जी लक्ष्यों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले एनर्जी स्टोरेज मार्केट का फायदा उठाने की रणनीति का हिस्सा है। इन बड़े ऑर्डर्स से कंपनी के प्रोजेक्ट पाइपलाइन को मजबूती मिली है और रेवेन्यू की अच्छी विजिबिलिटी बनी है।
कर्ज प्रबंधन और पार्टनरशिप
कंपनी अपने कुल ₹700 करोड़ के डेट को मैनेज करने पर भी काम कर रही है। इसे ₹621 करोड़ के आर्बिट्रेशन अवार्ड्स और ₹4,417 करोड़ के दावों से समर्थन मिल रहा है। SPML Infra ने हाल ही में NARCL के साथ एक मास्टर रीस्ट्रक्चरिंग एग्रीमेंट भी किया है। यह सब कंपनी की बैलेंस शीट को मजबूत करने की दिशा में कदम हैं। कंपनी ने US-आधारित एनर्जी स्टोरेज सॉल्यूशंस प्रोवाइडर Energy Vault के साथ भी साझेदारी की है, जिससे भारत में एडवांस्ड BESS टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं को लाया जा सकेगा।
भविष्य की रणनीति
यह कदम SPML Infra को एक कॉम्प्रिहेंसिव BESS सॉल्यूशंस प्रोवाइडर के तौर पर स्थापित करेगा, जिसमें मैन्युफैक्चरिंग और डिप्लॉयमेंट दोनों शामिल हैं। कंपनी अब कम, लेकिन बड़े और हाई-मार्जिन प्रोजेक्ट्स पर फोकस कर रही है ताकि प्रॉफिटेबिलिटी बढ़ाई जा सके। निवेशकों की नजर BESS मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के समय पर कमीशनिंग और बड़े प्रोजेक्ट्स के कुशल एग्जीक्यूशन पर रहेगी। SPML Infra इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में Larsen & Toubro (L&T), Rail Vikas Nigam Ltd (RVNL), NBCC (India) Ltd और Kalpataru Projects International Ltd जैसी कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा करती है।
