NTPC से ₹1,128 करोड़ का बड़ा प्रोजेक्ट
SPML Infra Limited ने NTPC Limited के साथ एक बड़े सौदे का ऐलान किया है। इस ₹1,128 करोड़ के कॉन्ट्रैक्ट के तहत, कंपनी Barauni Thermal Power Station में 1 GWh (250 MW/1,000 MWh) क्षमता वाली बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) का निर्माण करेगी। यह SPML Infra का बड़े पैमाने पर ग्रिड-कनेक्टेड BESS प्रोजेक्ट में पहला कदम है, जो कंपनी के लिए एनर्जी स्टोरेज सेक्टर में एक रणनीतिक विस्तार दर्शाता है।
कॉन्ट्रैक्ट का दायरा और समय-सीमा
इस प्रोजेक्ट में इक्विपमेंट की सप्लाई, सिविल वर्क्स, इंस्टॉलेशन और 15 सालों तक इसका ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस (O&M) शामिल है। प्रोजेक्ट को पूरा करने की समय-सीमा 18 महीने रखी गई है।
एनर्जी स्टोरेज में SPML Infra की बड़ी एंट्री
यह कॉन्ट्रैक्ट SPML Infra के एनर्जी स्टोरेज मार्केट की ओर बढ़ते फोकस को दिखाता है। यह भारत की बढ़ती ग्रिड स्टेबिलिटी (grid stability) और रिन्यूएबल एनर्जी (renewable energy) के इंटीग्रेशन की मांग को पूरा करने में मदद करेगा, जो देश के एनर्जी ट्रांज़िशन (energy transition) के लक्ष्यों के लिए महत्वपूर्ण है। कंपनी ने एनर्जी स्टोरेज सॉल्यूशंस में ग्लोबल लीडर Energy Vault के साथ 10 साल की एक्सक्लूसिव पार्टनरशिप भी की है, जो टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और लोकल मैन्युफैक्चरिंग में मदद करेगी।
ग्लोबल अनुभव और भविष्य की राह
SPML Infra का यह अनुभव नया नहीं है। कंपनी ने विदेशों में भी BESS प्रोजेक्ट्स को सफलतापूर्वक पूरा किया है, जिसमें अमेरिका (USA) में 200 MWh और ऑस्ट्रेलिया (Australia) में 400 MWh के प्रोजेक्ट्स शामिल हैं। अप्रैल 2026 में, SPML Infra ने ₹4,324 करोड़ के नए ऑर्डर्स हासिल किए थे, जिसमें यह NTPC का BESS प्रोजेक्ट भी शामिल था।
कंपनी के लिए इसका क्या मतलब है?
- SPML Infra, तेजी से बढ़ते बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) सेगमेंट में अपनी मौजूदगी मजबूत करेगी।
- ₹1,128 करोड़ का यह कॉन्ट्रैक्ट कंपनी के लिए अच्छी-खासी रेवेन्यू विजिबिलिटी (revenue visibility) देता है और बड़े पावर इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को संभालने की क्षमता साबित करता है।
- यह कंपनी को BESS मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी (manufacturing capacity) बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम है।
- इससे कंपनी का ऑर्डर बुक (order book) पानी और पावर डिस्ट्रीब्यूशन जैसे अपने पारंपरिक सेगमेंट से और भी डाइवर्सिफाई (diversify) होगा।
किन बातों पर रहेगी नज़र?
- एग्जीक्यूशन रिस्क (Execution Risk): 18 महीनों में प्रोजेक्ट को समय पर पूरा करना और अगले 15 सालों तक बिना रुकावट के इसका संचालन करना अहम होगा।
- NTPC के साथ पुराने मामले: SPML Infra का NTPC के साथ पहले कुछ लीगल डिस्प्यूट्स (legal disputes) का इतिहास रहा है, हालांकि यह नया कॉन्ट्रैक्ट एक सकारात्मक संकेत है।
- पॉलिसी पर निर्भरता: एनर्जी स्टोरेज सेक्टर सरकारी नीतियों और सब्सिडी पर काफी निर्भर करता है, जिनमें बदलाव आ सकता है।
कॉम्पिटिशन (Competition)
SPML Infra के इस कदम से यह एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर स्पेस में Sterling and Wilson Renewable Energy जैसे अन्य बड़े खिलाड़ियों के साथ प्रतिस्पर्धा करेगी, जिसने हाल ही में राजस्थान में 1,000 MWh का BESS प्रोजेक्ट जीता है। KEC International और Kalpataru Projects International जैसे नाम भी पावर और क्लीन एनर्जी सेक्टर में सक्रिय हैं।
मार्केट का परिदृश्य
भारत में FY27 तक एनर्जी स्टोरेज क्षमता की अनुमानित ज़रूरत 82.37 GWh है, जबकि मार्च 2024 तक केवल 219 MWh BESS क्षमता ही स्थापित हुई है।
