FY26 में शानदार परफॉरमेंस: प्रॉफिट और रेवेन्यू में डबल-डिजिट ग्रोथ
SML Mahindra लिमिटेड ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर (FY26) और चौथी तिमाही (Q4 FY26) के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी ने पूरे साल में ₹2,846.24 करोड़ का टोटल इनकम दर्ज किया, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर (FY25) के ₹2,405.05 करोड़ से 18.34% ज़्यादा है। इसी अवधि में, स्टैंडअलोन प्रॉफिट 31.30% की ज़बरदस्त बढ़ोतरी के साथ ₹159.75 करोड़ पर पहुँच गया, जबकि FY25 में यह ₹121.67 करोड़ था। फुल-YEAR EPS ₹110.39 रहा।
Q4 FY26 के नतीजे:
चौथी तिमाही (Q4 FY26) में, कंपनी की स्टैंडअलोन टोटल इनकम ₹900.23 करोड़ रही, जो पिछले साल की इसी तिमाही के ₹773.10 करोड़ से 16.44% ज़्यादा है। Q4 FY26 के लिए प्रॉफिट ₹54.20 करोड़ रहा, और EPS ₹37.46 दर्ज किया गया।
वित्तीय सेहत में सुधार:
कंपनी की बैलेंस शीट काफी मज़बूत हुई है। नॉन-करंट बोरिंग्स (Non-current borrowings) को ₹62.55 करोड़ से घटाकर मात्र ₹10.65 करोड़ कर दिया गया है। इससे कंपनी का फाइनेंशियल रिस्क कम हुआ है। टोटल इक्विटी भी FY25 के ₹382.66 करोड़ से बढ़कर FY26 में ₹519.34 करोड़ हो गई है, जो कंपनी की मज़बूत वित्तीय नींव को दर्शाता है।
निवेशकों के लिए खुशखबरी:
शेयरधारकों को कंपनी के अच्छे प्रदर्शन का सीधा फायदा मिलेगा। बोर्ड ने 235% का फाइनल डिविडेंड (₹23.50 प्रति शेयर) देने की सिफारिश की है।
अधिग्रहण और भविष्य की संभावनाएं:
यह भी जानना ज़रूरी है कि अगस्त 2025 में Mahindra & Mahindra ने SML Mahindra में कंट्रोलिंग स्टेक खरीद लिया था, जिससे यह उनकी सब्सिडियरी बन गई। इससे भविष्य में डिस्ट्रिब्यूशन, टेक्नोलॉजी और क्रॉस-सेलिंग में सिनर्जी (synergies) से ग्रोथ बढ़ने की उम्मीद है। अक्टूबर 2025 में, ICRA ने कंपनी की रेटिंग को भी अपग्रेड किया था।
भविष्य की चुनौतियाँ:
हालांकि, कंपनी को कुछ चुनौतियों का भी सामना करना पड़ सकता है। नए लेबर कोड्स (Labour Codes) के लागू होने से रिटायरमेंट बेनिफिट्स पर लगभग ₹5.47 करोड़ का अतिरिक्त खर्च आ सकता है। इसके अलावा, 2025 के एंड-ऑफ-लाइफ व्हीकल्स (ELV) रूल्स का फाइनेंशियल इम्पैक्ट अभी अनिश्चित है, जिसका मैनेजमेंट सटीक अनुमान नहीं लगा पाया है।
